Trump Tariff War: ट्रंप टैरिफ के बाद मोदी ने चीन यात्रा को दी हरी झंडी तो अमेरिका की बढ़ी चिंता? US मीडिया ने उठाए सवाल
Trump Tariff War: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन दौरे पर जा रहे हैं। भारत और चीन की बढ़ती नजदीकियां ट्रंप की बेचैनी बढ़ा रही है। तभी तो अमेरिकी मीडिया ने भी अब सवाल उठाए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेचैनी बढ़ने वाली है। दरअसल, भारत के प्रधानमंत्री मोदी SCO समिट में शामिल होने के लिए चीन जाने वाले हैं। ट्रंप के मनमाने टैरिफ के बीच भारत-चीन के नेताओं की मुलाकात अमेरिकी राष्ट्रपति की नींद उड़ाने वाली है। बता दें, गलवान को लेकर हुए विवाद के बाद पीएम मोदी की यह पहली चीन यात्रा है, जिसकी खूब चर्चा हो रही है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक दबाव के कारण सालों चली आ रही करवाहट अब पिघलते दिख रहे हैं। 2018 के बाद पहली बार, भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस हफ़्ते चीनी नेता शी जिनपिंग द्वारा आयोजित एक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए चीन की यात्रा करेंगे। यह यात्रा ट्रंप द्वारा भारत से आयात पर 50% का भारी टैरिफ लगाने के बाद हो रही है।
अमेरिका को सता रहा भारत-चीन की दोस्ती का डर
भू-राजनीतिक उथल-पुथल के इस दौर में, दोनों नेता अब हाथ मिला सकते हैं, और गहरी प्रतिद्वंद्विता पर आर्थिक स्थिरता को प्राथमिकता दे सकते हैं। और यही सबसे बड़ा डर अमेरिका को सता रहा है। भारत चीन अगर आपस में हाथ मिला लेते हैं, तो यह अमेरिका के लिए नुकसान वाला होगा। भारत और चीन आपस में व्यापार के रास्ते और खोलते जाएंगे, जिससे अमेरिका को आर्थिक रुप से भी भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
अमेरिकी मीडिया ने भी उठाए सवाल
पिछले हफ्ते चीनी विदेश मंत्री वांग यी और प्रधानमंत्री मोदी के बीच हुई बैठक के बाद, दोनों देशों ने अपने तनावपूर्ण संबंधों में हाल के सुधारों को स्वीकार किया। भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा, "भारत-चीन संबंधों ने एक-दूसरे के हितों और संवेदनशीलताओं के सम्मान से प्रेरित होकर निरंतर प्रगति की है। भारत और चीन के बीच स्थिर, पूर्वानुमानित और रचनात्मक संबंध क्षेत्रीय और वैश्विक शांति एवं समृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।" भारत और चीन के बीच सुधरते रिश्ते को लेकर अमेरिकी मीडिया भी सवाल कर रहा है।