50% टैरिफ लगाकर ट्रंप ने कर दी बड़ी गलती! भारत के इस कदम से अमेरिका से लेकर यूरोप तक क्यों बढ़ी टेंशन?
भारत के ऊपर 50 फीसदी टैरिफ लगाकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बड़ी गलती कर दी है। भारत ने अब ऐसा कदम उठाया है, जिसने अमेरिका से लेकर यूरोप तक टेंशन बढ़ा दी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के खिलाफ 50 फीसदी टैरिफ लगाकर बड़ी गलती कर दी। हाल ही में भारत ने कुछ ऐसा किया है जिसकी वजह से ना केवल अमेरिका बल्कि यूरोप तक टेंशन बढ़ने वाली है। दरअसल, रूस और बेलारूस के बीच जो विशाल सैन्य अभ्यास Zapad-2025 जारी है, उसमें भारत भी एंट्री ले रहा है।
भारत Zapad-2025 में शामिल होने के लिए अपने 65 सैनिकों को भेज रहा है। भारत के ऊपर जब रूस से दूरी बनाने के लिए आर्थिक रुप से दबाव बनाए जा रहे हैं, ऐसे में मोदी सरकार के इस कदम को बेहद अहम माना जा रहा है। भारत सरकार ने पहले ही साफ कर दिया था कि रूस के साथ इसके संबंधों पर कोई असर नहीं होगा। ऐसे में Zapad-2025 में शामिल होकर भारत ने ना केवल अमेरिका को बल्कि यूरोप को भी बड़ा संदेश दे दिया है।
क्या यूरोप समेत पश्चिमी देशों को डरा रहा रूस?
रूस और बेलारूस के बीच चल रहे इस विशाल सैन्य अभ्यास को लेकर विदेशी मीडिया का कहना है कि इसे यूक्रेन पश्चिमी देश खास तौर से नाटो और यूरोप को डराने के लिए किया जा रहा है। इस अभ्यास को लेकर यूरोपीय देशों की बेचैनी इतनी बढ़ गई कि यूरोपीय यूनियन के विदेश नीति के प्रमुख काजा कल्लास ने बयान भी जारी कर दिया है।
Zapad 2025 पर क्या बोले कल्लास?
उन्होंने कहा कि भारत के साथ व्यापार के अलावा और भी मुद्दे हैं, जैसे कि अंतरराष्ट्रीय नियमों का पालन करना और सैन्य अभ्यास में भाग लेना। ये सब बातें उनके सहयोग में रुकावट डालती हैं। भारत-रूस से तेल खरीदकर अरबों डॉलर बचा रहा है, इसलिए वह रूस से पूरी तरह नाता नहीं तोड़ेगा। इस बीच अमेरिका ने पुष्टि की है कि उसने इस युद्धाभ्यास में अपने सैन्य प्रतिनिधियों नजर रखने के लिए भेजा था।
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Zapad 2025 से NATO-US को क्या है परेशानी?
बता दें, 2022 में जब रूस ने यूक्रेन के ऊपर हमला किया था उस वक्त उसने बेलारूस में ही अभ्यास किया था। ऐसे में हाल ही में जापाड़ 2025 युद्धाभ्यास शुरू हुआ है। ऐसे में पोलैंड जैसे देशों को ये डर है कि कहीं रूस उनके ऊपर हमले ना कर दे। हाल ही में पोलैंड ने रूस के ड्रोन को मार गिराया। इसके बाद पोलैंड ने नाटो से यूक्रेन में नो फ्लाई जोन घोषित करने की मांग की।