सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और अमेरिका में मुश्किल हो जाएगी एंट्री, रद्द भी हो सकता है वीजा; भारतीय भी हो जाएं अलर्ट
USCIS की ओर से साफ किया गया है कि किसी शख्स की सोशल मीडिया एक्टिविटीज के आधार पर वीजा से जुड़े फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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America News: अगर आप सोशल मीडिया पर बिना कुछ सोचे-समझे पोस्ट करते हैं, तो आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। ऐसा करने पर अमेरिका में तो रहना आपका मुश्किल हो जाएगा, क्योंकि ट्रंप सरकार की नजर आपकी सोशल मीडिया पोस्ट पर है। जी हां, आप अगर कुछ मामलों को लेकर सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगे तो ऐसे में आपका अमेरिका में बिना वाॉर्निंग के वीजा रद्द किया जा सकता है।
यूएस सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेज यानी USCIS की ओर से साफ किया गया है कि किसी शख्स की सोशल मीडिया एक्टिविटीज के आधार पर वीजा से जुड़े फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं। यानी आप अगर सोशल मीडिया पर कुछ ऐसा पोस्ट करते हैं जो ट्रंप सरकार को विवादित लगता है तो आपको वीजा जारी नहीं किया जाएगा या फिर इसे रद्द भी किया जा सकता है।
इस तरह की पोस्ट करने पर होगी कार्रवाई
अमेरिकी इमिग्रेशन अधिकारियों के मुताबिक सोशल मीडिया पर यहूदी विरोधी पोस्ट करने पर उस शख्स का वीजा या अमेरिका में रहने का परमिट रद्द हो सकात है। डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के असिस्टेंट सेक्रेटरी फॉर पब्लिक अफेयर्स ट्रिशिया मैकलॉघलिन ने इसको लेकर कहा कि आतंकवादी समर्थकों के लिए अमेरिका में कोई जगह नहीं है। अमेरिका में उन्हें आने या रहने देने का हम पर कोई दबाव नहीं है।
नियम स्टूडेंट वीजा और ग्रीन कार्ड दोनों पर लागू
USCIS के स्पष्ट किया गया है कि अगर आपने किसी किसी ऐसे संगठन का समर्थन करते हैं जिसे अमेरिका आतंकवादी मानता है। यानी हमास, हिजबुल्लाह और यमन के हूती विद्रोही, तो आपकी मुश्किलें बढ़ सकी है। ऐसे में आपकी पोस्ट को यहूदी विरोधी माना जाएगा। कोई भी व्यक्ति किसी भी तरह से यहूदी विरोधी गतिविधि का समर्थन करता पाया जाता है, तो उसका अमेरिका में रहना मुश्किल हो जाएगा। यह नियम स्टूडेंट वीजा और ग्रीन कार्ड दोनों पर लागू कर दिए गए हैं।
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300 विदेशी छात्रों के वीजा किए गए रद्द
इससे पहले ट्रंप प्रशासन की ओर से बीते कुछ हफ्तों में करीब 300 विदेशी छात्रों के वीजा रद्द किए जा चुके हैं। अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इस पर कहा है कि गैर-अमेरिकी नागरिकों को अमेरिका में रहने का अधिकार नहीं होता। वीजा देना या फिर न देना यह सरकार के अधिकार क्षेत्र में आता है।