PM मोदी की मुलाकात से पहले ट्रंप की पुतिन से बात, क्या चीन के खिलाफ US के राष्ट्रपति कर रहे कूटनीतिक प्रयोग?
PM Modi US Visit: अमेरिका में पीएम मोदी की डोनाल्ड ट्रंप की मुलाकात से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति ने पुतिन से फोन पर करीब डेढ़ घंटे तक बात की।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi US Visit: भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिकी दौरे पर हैं। फ्रांस के AI शिखर सम्मेलन में शामिल होने के बाद अमेरिका पहुंचे। अमेरिका में आज पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के मुलाकात होने वाली है। हालांकि, पीएम मोदी से मुलाकात से पहले ट्रंप ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से फोन पर बात की। ऐसे में चर्चा हो रही है कि क्या ये महज एक संयोग है, या फिर अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप चीन के खिलाफ कोई प्रयोग कर रहे हैं।
बता दें, जब अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप, भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने वाले हैं, उससे पहले उन्होंने करीब डेढ़ घंटे तक रूस के राष्ट्रपति से फोन पर बातचीत की। ऐसे में पीएम मोदी और ट्रंप की मुलाकात पर दुनियाभर की नजर है। एक ऐसा देश जो सबसे ताकतवर है, और दूसरा देश जो शक्तिशाली बनने की ओर है... इन दोनों देशों के प्रमुख की मुलाकात को लेकर चर्चा काफी तेज हो गई है। वहीं एक ऐसा देश भी है, जिसकी नींद उड़ी हुई है।
ट्रंप के टैरिफ ने बढ़ाई चीन की परेशानी
बता दें, हाल ही में ट्रंप सरकार ने चीन, कनाडा और मेक्सिको पर टैरिफ लगा दिया, जिसने इन तीनों देशों की परेशानी बढ़ा दी। हालांकि, भारत के ऊपर टैरिफ को लेकर अमेरिकी सरकार ने ऐसा कोई ऐलान नहीं किया। इन सबके बीच ट्रंप चीन को कमजोर करना चाहते हैं। इसके लिए चीन के खिलाफ मोर्चा खोल उसे अलग-थलग करने जा रहे हैं। चीन और रूस की दोस्ती बेहद खास है। इसका ताजा उदाहरण देखने को मिला था जब रूसी राष्ट्रपति चीन पहुंचे और शी जिनपिंग से मुलाकात की।
पुतिन ने ट्रंप को मास्को आने का दिया न्योता
हालांकि, चीन के बेहद खास दोस्त रूस को ट्रंप पहले से ही अपने पाले में लेने का काम शुरू कर दिया है। ट्रंप ने पहले ही कहा था कि यूक्रेन और रूस के बीच जारी जंग को रोकेंगे। वहीं ट्रंप के दूसरी बार राष्ट्रपति बनने पर पुतिन ने उन्हें बधाई भी दी थी। ट्रंप को लेकर एक्सपर्ट्स का मानना है कि उनके लिए रूस प्रतिद्वंदी नहीं, बल्कि चीन है। इसलिए रूस को अपने साथ लेकर चीन को अलग-थलग करन की कोशिश होगी। तभी तो रूसी राष्ट्रपति ने ट्रंप को मास्को आने का निमंत्रण दिया है, और अमेरिकी राष्ट्रपति ने भी पुतिन को यहां बुलाया।
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भारत-रूस-अमेरिका के साथ आने से मचेगी ची को खलबली
वहीं चीन की बात करें, तो इंडो पैसिफिक में चीन और भारत पहले से ही प्रतिद्वंदी है। बता दें, भारत क्वाड देशों का सदस्य भी है, ऐसे में अमेरिका भारत के साथ अपनी पार्टनरशिप को और आगे बढ़ाना चाहता है और चीन पर लगाम भी कसना चाहता है। वहीं भारत की बात करें, तो पीएम मोदी के साथ ट्रंप और पुतिन दोनों की ही मित्रता काफी गहरी है। ऐसे वमें ट्रंप, पीएम मोदी और पुतिन के साथ आने से चीन को काफी खलबली मच सकती है।
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