जब उपवास में US दौरे पर पहुंचे थे पीएम मोदी, ओबामा संग नहीं किया डिनर... क्या बोले थे अमेरिकी राष्ट्रपति?
PM मोदी ने अमेरिकी दौरे का जिक्र किया, जब वो उपवास में थे और ओबामा संग डिनर नहीं किया था। पीएम मोदी ने ओबामा के साथ अपनी बातचीत के बारे में बताया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi Lex Fridman Podcast: पीएम मोदी ने अमेरिकी पॉडकास्टर के साथ बातचीत में उपवास को लेकर एक खास वाकये का जिक्र किया। दरअसल, लेक्स ने पीएम मोदी से पूछा कि क्या आप उपवास के दौरान एक पीएम का काम करते हैं? लोगों से मिलते हैं? इसपर पीएम मोदी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बरॉक ओबामा के साथ अपनी मुलाकात की कहानी सुनाई।
लेक्स ने पूछा कि क्या कभी ऐसा हुआ है कि आप दुनिया के बड़े नेताओं से मिले हों और आपका उपवास रहा हो? उनकी क्या प्रतिक्रिया थी? इस सवाल के जवाब में पीएम मोदी ने कहा, ज्यादातर लोगों को मैं पता नहीं लगने नहीं देता हूं। हालांकि, मेरे सीएम और पीएम बनने के बाद से लोगों को मेरे उपवास के बारे में पता चलने लगा। यह मेरा निजी मामला है, लेकिन अब जब कोई अच्छे ठंग से कोई पूछे तो बता देता हूं। प्रधानमंत्री बनने के बाद उस समय राष्ट्रपति ओबामा के साथ व्हाइट हाउस में मीटिंग थी और डिनर भी रखा था। तो दोनों सरकारों के बीच चर्चा चली, कि डिनर तो जरूर कीजिए, लेकिन पीएम मोदी कुछ खाएंगे नहीं। अब एक चिंता थी कि इतने बड़े देश के प्रधानमंत्री आ रहे हैं, उनको कैसे खातिरदारी करें। बैठते ही मेरे लिए गर्म पानी आया।
‘देखो भाई मेरा डिनर आ गया...’
PM मोदी ने आगे बताया, "मैंने ओबामा जी से मजाक कहा कि देखो भाई मेरा डिनर बिल्कुल आ गया है। फिर बाद में दोबारा जब मैं गया, तो उन्हें याद था कि पिछली बार में उपवास में था। इस बार लंच था, तो उन्होंने कहा कि इस बार लंच नहीं है तो डबल खाना पड़ेगा।"
उपवास मेरे लिए समर्पण और अनुशासन है: PM मोदी
पीएम मोदी ने कहा, “मेरे लिए उपवास एक समर्पण, अनुशासन है। उपवास के समय मैं कितनी ही बाहर की गतिविधि करता रहूं, लेकिन अंतर्मन में खोया रहता हूं। ये बहुत अद्भुत अनुभूति होती है। उपवास मैं किसी किताब को पढ़कर या किसी के उपदेश के कारण नहीं हुआ है। मेरा खुद का स्कूल की उम्र में एक अनुभव है। हमारे स्कूल में महात्मा गांधी की जो इच्छा थी, उसे लेकर एक आंदोलन चल रहा था। उस समय सरकार कोई कानून नहीं बना रही थी। पूरे देश में सार्वजनिक जगह पर बैठकर एक दिन का उपवास करने का कार्यक्रम था। मेरामन कर गया। मेरे जीवन का वो पहला अनुभव था। मैं नई एनर्जी प्राप्त कर रहा था। धीरे-धीरे कई प्रयोगों से मैंने खुद को निकाला।”