पेंटागन में कुछ तो खतरनाक हुआ! गैस मॉस्क और प्रोटेक्टिव गियर पहनकर पहुंचीं रेस्क्यू टीमें, कई हिस्सों को किया सील
एयर क्वालिटी सेंसर से खतरनाक चीजों के बारे में अलर्ट मिलने के बाद पेंटागन की कई मंजिलों को सील कर दिया गया। अधिकारियों ने संभावित खतरों की जांच और कारण का पता लगाने के लिए सुरक्षित स्थान पर रहने के आदेश जारी किए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका के रक्षा मुख्यालय पेंटागन में गुरुवार को अचानक हलचल मच गई। इमारत के अंदर लगे सेंसरों ने हवा की गुणवत्ता में कुछ असामान्य पकड़ा, जिसके बाद पूरा सिस्टम अलर्ट हो गया। इसके बाद गैस मॉस्क और प्रोटेक्टिव गियर पहनकर रेस्क्यू टीमें तुरंत मौके पर पहुंच गई।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इमारत के कई फ्लोर खाली करा लिए गए हैं, पेंटागन के कुछ हिस्सों को सील कर दिया गया है। खतरनाक पदार्थों (Hazardous materials) की जांच के लिए विशेष टीमें बुलाई गईं।
यह घटना दोपहर के आसपास काम के समय हुई। इमारत के अंदरूनी अलर्ट सिस्टम ने तुरंत चेतावनी जारी कर दी। कुछ ही मिनटों में कॉरिडोर बंद कर दिए गए और प्रभावित फर्शों पर लोगों की आवाजाही रोक दी गई।
क्या कहा अधिकारियों ने?
पेंटागन के प्रवक्ता शॉन पार्नेल ने बताया कि विभाग ने अपनी सामान्य सुरक्षा प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रभावित क्षेत्र के लिए अंदर रहने का आदेश जारी किया गया है। रिस्पॉन्स टीमें मौजूद हैं और इमारत में काम कर रहे लोगों की मदद के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
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स्टाफ को भेजे गए नोटिस में इसे साफ-साफ एयर क्वालिटी इश्यू यानी हवा की गुणवत्ता की समस्या बताया गया। नोटिस में लिखा था कि अतिरिक्त जांच में 1 से 2 घंटे लग सकते हैं। कर्मचारियों से कहा गया कि बाहर दिख रही टीमें और गतिविधियों को लेकर कोई अटकलें न लगाएं।
इमरजेंसी प्रोटोकॉल एक्टिव
CNN और अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, इमारत के अंदर लगे सेंसरों ने संभावित खतरे का संकेत दिया, जिसके चलते इमरजेंसी प्रोटोकॉल एक्टिव हो गए, जो आमतौर पर गंभीर घटनाओं के लिए ही लागू होते हैं। परिसर में मौजूद कर्मचारियों को वहीं रहने के लिए कहा गया।
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सबसे ज्यादा इस्तेमाल वाले हिस्से प्रभावित
पेंटागन के फर्श 2 से 5 तक के कॉरिडोर 4 से 7 वाले इलाके को लॉकडाउन कर दिया गया। ये हिस्से इमारत के सबसे ज्यादा इस्तेमाल वाले क्षेत्र हैं। कई मंजिलों को खाली कराया गया है। कॉरिडोर बंद कर दिए गए और आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई। यह कार्रवाई पूरी तरह सावधानी के तौर पर की गई थी। किसी हानिकारक पदार्थ की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है।