अपडेटेड 23 September 2024 at 21:26 IST
'ग्लोबल संस्थाओं में रिफॉर्म की जरूरत, वैश्विक शांति के लिए आतंकवाद खतरा', UN में बोले PM मोदी
Need for reform in global institutions terrorism is threat to global peace PM Modi in UN
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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PM Modi in UNGA: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अमेरिका में 79वें संयुक्त राष्ट्र महासभा सत्र को संबोधित किया। अपने संबोधन में पीएम मोदी ने कहा कि जून में अभी-अभी मानव इतिहास के सबसे बड़े चुनाव में भारत के लोगों ने मुझे लगातार तीसरी बार सेवा का अवसर दिया है और मैं यहां मानवता के छठे हिस्से की आवाज आप तक पहुंचाने आया हूं।
पीएम ने कहा कि जब हम ग्लोबल फ्यूचर के बारे में बात कर रहे हैं, तो मानव-केंद्रित दृष्टिकोण सर्वप्रथम होनी चाहिए। सतत विकास को प्राथमिकता देते हुए, हमें मानव कल्याण, भोजन, स्वास्थ्य सुरक्षा भी सुनिश्चित करनी होगी। हमने भारत में 250 मिलियन लोगों को गरीबी से बाहर निकालकर दिखाया है कि सतत विकास सफल हो सकता है। हम सफलता के इस अनुभव को ग्लोबल साउथ के साथ साझा करने के लिए तैयार हैं।
मानवता की सफलता सामूहिक शक्ति में निहित है, युद्ध के मैदान में नहीं- पीएम मोदी
संयुक्त राष्ट्र में 'समिट ऑफ द फ्यूचर' में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि मानवता की सफलता हमारी सामूहिक शक्ति में निहित है, युद्ध के मैदान में नहीं। वैश्विक शांति एवं विकास के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार महत्वपूर्ण हैं। सुधार प्रासंगिकता की कुंजी है। एक तरफ वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए आतंकवाद जैसा बड़ा खतरा है, वहीं दूसरी तरफ साइबर, मैरिटाइम, स्पेस जैसे संघर्ष के नए मैदान बन रहे हैं। इन सभी मुद्दों पर वैश्विक कार्रवाई वैश्विक महत्वाकांक्षा से मेल खानी चाहिए।
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डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक पुल होनी चाहिए न कि बाधा- पीएम मोदी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संयुक्त राष्ट्र में 'समिट ऑफ द फ्यूचर' में कहा कि प्रौद्योगिकी के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग के लिए संतुलित विनियमन की आवश्यकता है। हमें ऐसे वैश्विक डिजिटल शासन की आवश्यकता है जिसमें राष्ट्रीय संप्रभुता और अखंडता अक्षुण्य रहे। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर एक पुल होनी चाहिए न कि बाधा।
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Published By : Deepak Gupta
पब्लिश्ड 23 September 2024 at 21:20 IST