50 साल बाद फिर चांद की राह पर इंसान, NASA फिर से अंतरिक्ष में झंडा गाड़ने को तैयार, Artemis II मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च

नासा ने आज, 2 अप्रैल को अपने ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर रवाना हो गए। जानें मिशन की हर डिटेल

The NASA Artemis II mission successfully launched the Space Launch System (SLS) rocket carrying the Orion spacecraft.
NASA का मिशन Artemis II सफलता पूर्वक लॉन्च | Image: AP

अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी NASA अंतरिक्ष के क्षेत्र में एक बार फिर बड़ी उपलब्धि हासिल करने को तैयार है। नासा ने आज, 2 अप्रैल को अपने ऐतिहासिक आर्टेमिस II मिशन को सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया। इस मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की ओर रवाना हो गए। अपोलो कार्यक्रम के बाद यह 50 साल में पहला मानवयुक्त चंद्र मिशन है, जो चंद्रमा की परिक्रमा करेगा।

फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से 32 मंजिला विशाल SLS रॉकेट के सहारे Artemis II ने ओरियन स्पेसक्राफ्ट सेंटर के लॉन्च कॉम्प्लेक्स 39B से उड़ान भरी। इस मिशन को NASA की उस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत माना जा रहा है, जिसमें दो साल के अंदर चंद्रमा की सतह पर फिर से अंतरिक्ष यात्रियों को उतारने का लक्ष्य है। इस मिशन में चार अंतरिक्ष यात्रा- रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन - ओरियन कैप्सूल में बैठकर चांद के पास जाएंगे और फिर कुछ समय बाद वो वापस धरती पर लौटेंगे।

50 साल बाद मिशन मून पर NASA

लॉन्च साइट पर हजारों लोग जमा हुए थे। भीड़ आस-पास की सड़कों और समुद्र तटों तक फैल गई थी। ये दृश्य 1960 और 1970 के दशक के Apollo मून मिशन की याद दिला रहे थे। जैसे ही रॉकेट के इंजन चालू हुए और लॉन्च पैड पर आग की लपटें दिखाई दीं, लोगों ने जोरदार तालियों के साथ इसे रवाना किया। यह पल इंसानी अंतरिक्ष यात्रा के एक नए युग की शुरुआत का प्रतीक था।

NASA ने शेयर किया लॉन्च VIDEO

NASA द्वारा शेयर किया गए वीडियो में उड़ान भरने के उस रोमांचक पल को देखा जा सकता है। विशाल रॉकेट, जो उस समय के अंधेरे होते आसमान में चमक रहा था, अचानक आग और धुएं के गुबार के साथ ऊपर की ओर चल पड़ा। लॉन्च पैड पर धुएं के घने बादल छा गए, जबकि अंतरिक्ष यान लगातार ऊपर की ओर बढ़ता रहा। देखते ही देखते वह आसमान में एक चमकती हुई लकीर जैसा दिखाई देने लगा।

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मिशन का क्या है लक्ष्य?

Artemis II अंतरिक्ष खोज के क्षेत्र में एक नया अध्याय लिख रहा है। यह Apollo युग के बाद का पहला ऐसा मिशन है जिसमें इंसान चांद पर जा रहे हैं। साथ ही, यह चांद पर इंसानों की स्थायी मौजूदगी बनाने की दिशा में NASA का अब तक का सबसे बड़ा कदम है।  मिशन का लक्ष्य चांद के दक्षिणी ध्रुव के पास एक नियोजित लैंडिंग के लिए जमीन तैयार करना है, इसके लिए 2028 तक का समय रखा गया है।

 ट्रंप ने दी बधाई

लॉन्च से पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट कर कहा, '50 साल में पहली बार अमेरिका फिर से चंद्रमा पर जा रहा है… कोई भी हमारे करीब नहीं है! अमेरिका सिर्फ प्रतिस्पर्धा नहीं करता, हम दबदबा बनाते हैं और पूरी दुनिया देख रही है।'

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मिशन की कमान अनुभवी एस्ट्रोनॉट रीड वाइजमैन के पास है। उनके साथ पायलट विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई अंतरिक्ष यात्री जेरेमी हैनसेन शामिल हैं। यह नासा का अब तक का सबसे विविध दल है, जिसमें पहली बार एक महिला (क्रिस्टीना कोच), एक गैर-श्वेत अंतरिक्ष यात्री (विक्टर ग्लोवर) और एक गैर-अमेरिकी नागरिक (जेरेमी हैनसेन) शामिल हैं।

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Published By :
Rupam Kumari
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