खतरनाक मोड़ पर पहुंचा युद्ध, अमेरिकी हमले में 19 लोगों की मौत से बौखलाया ईरान, कुवैत पर फिर किया मिसाइल अटैक; बदला लेंगे ट्रंप?
लगातार धमकी देने के बाद 1 सितंबर को अमेरिका ने होर्मुज के पास लारक द्वीप, बांदर अब्बास, क्रेशम द्वीप आदि जगहों पर स्थित IRGC के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। बाद में अमेरिका ने इस बात का ऐलान कर दिया कि ताजा हमलों के ऑपरेशन में हमने ईरान के रडार, एयर डिफेंस, समुद्री संपत्तियों और माइन लेइंग क्षमता को नष्ट कर दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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एक बार फिर मिडिल ईस्ट की धरती पर मिसाइलों की गूंज सुनाई देने लगी है। ईरान युद्ध शुरू हुए 6 महीने बीत चुके हैं और यह सातवें महीने में प्रवेश कर चुका है। सीजफायर के बाद कुछ महीने हमलों का दौर थम गया था। लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव के बाद पहले अमेरिका ने ईरान पर जोरदार हमले किए। जवाबी कार्रवाई में ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया। इसके बाद एक बार फिर से युद्ध का ज्वाला तेजी से भड़क गया।
ईरान-अमेरिका वार्ता हुई बेपटरी
सीजफायर के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि हम ईरान से वार्ता करेंगे और समझौता होने की संभावना है। उन्होंने कहा था कि ईरान समझौता के लिए तैयार है। लेकिन सब धरा का धरा रह गया और दोनों ओर से वार्ता फेल हो गई। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया था कि होर्मुज पर हमारा पूरा नियंत्रण है और ईंधन वाले जहाजों का आवागमन हो रहा है।
उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर हमने स्टील की दीवार बना दी है। हालांकि ईरान ने इसका खंडन करते हुए कहा कि होर्मुज पर हमारा कंट्रोल है। जब तक अमेरिका हमारी शर्तों को नहीं मानता तब तक हम इसे सभी के लिए नहीं खोलेंगे। इस जुबानी जंग के बाद अमेरिका ने फिर से ईरान पर हमले शुरू कर दिए हैं।
अमेरिका ने किए ईरान पर हमले
लगातार धमकी देने के बाद 1 सितंबर को अमेरिका ने होर्मुज के पास लारक द्वीप, बांदर अब्बास, क्रेशम द्वीप आदि जगहों पर स्थित IRGC के सैन्य ठिकानों पर ताबड़तोड़ हमले कर दिए। बाद में अमेरिका ने इस बात का ऐलान कर दिया कि ताजा हमलों के ऑपरेशन में हमने ईरान के रडार, एयर डिफेंस, समुद्री संपत्तियों और माइन लेइंग क्षमता को नष्ट कर दिया है।
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CENCOM के मुताबिक ईरान पर ताजा हमला अमेरिकी सुरक्षा बलों और जहाजों पर हमले के जवाब में था। हमले के बाद ईरान ने दावा किया कि हमला कुहेस्तक में एक शादी समारोह में हुआ। जिसमें 4-5 बच्चे घायल हुए और कुल मिलाकर 19 मौतें हुई हैं।
ईरान का कुवैत पर जोरदार हमला
अमेरिकी हमले के बाद बौखलाए ईरान ने पहले जॉर्डन और अब कुवैत पर हमला कर दिया। गुरुवार 3 सितंबर की सुबह कुवैत में ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमले कर दिए। वहां अचानक हवाई हमले के सायरन बजने लगे। फिर मिसाइल हमलों को रोकने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को एक्टिव कर दिया गया। कुवैती सेना ने इसे ईरान का उकसाने वाला कदम बताया है। बाद में ईरानी सरकारी मीडिया ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि इस अभियान का लक्ष्य कुवैत में अमेरिकी सैन्य अड्डे थे, जो ईरान लोगों के खिलाफ अमेरिकी अपराधों का जवाब था।
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जॉर्डन, कुवैत और UAE को बनाया निशाना
कुवैत में ताजा हमले से एक दिन पहले 1-2 सिंतबर को ईरान ने जॉर्डन, कुवैत और UAE में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। IRGC ने जॉर्डन में कैंप टिटिन और प्रिंस हसन एयरबेस, कुवैत में अली अल सालेम एयरबेस, बहरीन ईराक और UAE में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए थे। जॉर्डन ने कई मिसाइलें इंटरसेप्ट की। हमले के बाद अमेरिका ने कोई बड़ी हानि की पुष्टि नहीं की जबकि ईरान ने नुकसान का दावा किया।
अमेरिकी हमलों के जवाब में ईरान के अमेरिका के कई सैन्य ठिकानों पर हमला कर यह जता दिया है कि वह ट्र्ंप की धमकियों और हमलों से डरने वाला नहीं है। ऐसे में ट्रंप के फिर से ईरान पर बदले की कार्रवाई से इनकार नहीं किया जा सकता है।