Iran-US War: ईरान ने अब कुवैत पर किया हमला, अमेरिका और ईरान ने भी किए एक दूसरे पर अटैक... तो क्या डील से पहले ही सीजफायर होगा खत्म?

ईरान ने कुवैत पर मिसाइल-ड्रोन से हमला किया है। अमेरिका-ईरान युद्ध के बीच चल रहे नाजुक सीजफायर को यह हमला बड़ा झटका है। कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। इस बीच डिप्लोमैटिक डील की कोशिशें जारी हैं, लेकिन सीजफायर टूटने का खतरा बढ़ गया है।

Iran-US war Iran has now attacked Kuwait, America and Iran have also attacked each other
क्या डील से पहले ही सीजफायर होगा खत्म? | Image: Republic

कुवैत ने मिसाइल और ड्रोन हमले का सामना किया है, जो ईरान-अमेरिका युद्ध के दौरान सीजफायर की नाजुक स्थिति को और चुनौती दे रहा है। कुवैत सरकार ने घोषणा की है कि देश पर ईरान से मिसाइल और ड्रोन हमले हुए हैं। यह घटना उस समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम और डील की कोशिशें चल रही थीं।

कुवैत के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि हमलों में एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय किया गया। कुछ मिसाइलों को बीच में ही रोक लिया गया, लेकिन कुछ इलाकों में नुकसान की खबरें हैं। अभी तक जान-माल की हानि की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन तनाव बढ़ गया है।

ईरान-अमेरिका संघर्ष

फरवरी 2026 से चल रहे इस युद्ध में अमेरिका और इजराइल ने ईरान के परमाणु और सैन्य ठिकानों पर हमले किए थे। ईरान ने जवाब में क्षेत्रीय सहयोगियों हिजबुल्लाह, हूती के जरिए और सीधे मिसाइल-ड्रोन हमलों से प्रतिक्रिया दी।

गल्फ देशों पर असर

ईरान ने पहले भी कुवैत, सऊदी अरब, UAE और बहरीन जैसे देशों पर हमले किए हैं, जहां अमेरिकी बेस हैं। कुवैत पर यह हमला इसी सिलसिले का हिस्सा माना जा रहा है।

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हमले का तेल पर असर

हमले के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्षेत्र में तनाव बढ़ा हुआ है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के खिलाफ किए गए रक्षात्मक हमलों के बाद गुरुवार को वैश्विक शेयरों में गिरावट आई। एक दिन पहले तेल की कीमतों में भारी गिरावट के बाद आज प्रति बैरल 2 डॉलर से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई।

क्या सीजफायर खत्म हो जाएगा?

अमेरिका ने पहले ही कहा था कि ऑफेंसिव फेज खत्म हो गया है, लेकिन ईरान के हमलों को "सीजफायर का उल्लंघन" मानते हुए जवाबी कार्रवाई की तैयारी कर सकता है। कतर में चल रही बातचीत में डील की उम्मीद थी, लेकिन कुवैत पर हमला उस प्रक्रिया को मुश्किल बना सकता है। ट्रंप प्रशासन ने पहले 48 घंटे की डेडलाइन दी थी, जिसके बाद ईरान ने हमले तेज कर दिए।

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तुरंत बड़े युद्ध की संभावना

सीजफायर टूटने का खतरा है, लेकिन पूरा युद्ध फिर से शुरू होने की बजाय सीमित हमलों का सिलसिला जारी रह सकता है। अगर अमेरिका या उसके सहयोगी (कुवैत, सऊदी) मजबूत जवाब देते हैं, तो स्थिति नाजुक हो सकती है। 

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Published By :
Sagar Singh
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