फिर भड़केगा महायुद्ध? ईरान पर आर्थिक नाकेबंदी के बाद अमेरिका ने दी हमले की धमकी, क्या करेंगे मोजतबा खामनेई?

क्या अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले फिलहाल रोक दिए हैं? इस सवाल के जवाब में हेगसेथ ने कहा कि नहीं, अगर हमें सैन्य बल का प्रयोग करने की जरूरत पड़ी, तो हम जरूर करेंगे। अगर ईरान अपनी हद पार करता है और अमेरिकी सेना से पंगा लेने की मूर्खता करता है तो हम जरूरी कदम उठाएंगे।

अमेरिका ने दी ईरान पर हमले की धमकी
अमेरिका ने दी ईरान पर हमले की धमकी | Image: ANI

अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल युद्ध की चिंगारी थमी हुई है। लेकिन दोनों देशों के बीच जुबानी जंग छिड़ी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक नाकेबंदी के ऐलान के बाद तनाव फिर चरम पर पहुंच गया है। ईरान ने आर्थिक नाकेबंदी को आर्थिक आतंकवाद करार दिया। अब ताजा घटना क्रम में अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगथेस ने कहा है कि जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान पर हमला कर सकता है। उनके इस बयान के बाद दुनिया पर फिर ईरान अमेरिका युद्ध भड़कने का खतरा मंडराने लगा है। 

डोनाल्ड ट्रंप ने क्या कहा था?

अमेरिका और ईरान के बीच ताजा बयानबाजी के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कुछ दिन पहले ईरान पर बड़े एक्शन का ऐलान किया था। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया ट्रुथ पर एक पोस्ट में दावा किया था कि उन्होंने ईरान की आर्थिक नाकेबंदी कर दी है। ऐसे में ईरान को जो भी देश सैन्य या अन्य किसी तरह की मदद करता है तो उस पर अमेरिका कड़ी कार्रवाई करेगा और उस देश को इसका परिणाम भुगतना पड़ेगा। डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी कि तेहरान को वित्तीय या अन्य सहायता प्रदान करने वाले किसी भी देश को भयानक आर्थिक परिणामों का सामना करना पड़ेगा। 

उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर कहा कि मुझसे अधिक किसी ने भी ईरान को समझौता करने का इतना बड़ा मौका नहीं दिया। दुर्भाग्य है कि वो इस मौके का फायदा उठाने में नाकामयाब रहा। इसलिए मैं किसी भी देश के खिलाफ अबतक की सबसे विनाशकारी आर्थिक कार्रवाई की घोषणा कर रहा हूं। यह बड़े पैमाने परआर्थिक युद्द और अलगाव होगा। इसके बाद ईरान ने भी इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी थी।

ईरानी विदेश मंत्री ने साधा निशाना

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने अपने एक्स अकाउंट पर एक पोस्ट में कहा कि तथाकथित इकोनॉमिक-डी-डे असल में अमेरिका के अपने संकट, बे हिसाब कर्ज और तेजी से बढ़ते ब्याज के खर्च से ध्यान भटकाने की एक कोशिश है। उन्होंने आगे लिखा कि नाकाम नीतियों पर जोर देने से सिर्फ और सिर्फ हार ही मिलेगी और ईरानियों की दुश्मनी मोल लेनी पड़ेगी। उन्होंने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आर्थिक नाकेबंदी को आर्थिक आतंकवाद बताते हुए लिखा कि ये आर्थिक आतंकवाद दुनिया भर की अर्थव्यवस्था और संप्रभुता के लिए खतरा है।

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सीजफायर के बाद क्या-क्या हुआ?

पूरी दुनिया को लग रहा था कि ईरान अमेरिका युद्द सीजफायर के बाद शायद खत्म हो जाए। क्योंकि दोनों देशों के बीच सीजफायर के बाद बातचीत के कई प्रयास किए गए। लेकिन ये सारे प्रयास विफल रहे। इसके बाद थोड़े दिनों तक दोनों देशों ने एक दूसरे पर हमले भी किए। लेकिन कुछ दिनों से युद्ध का ज्वाला शांत है। दोनों देशों में स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जुबानी जंग चल रही है। ट्रंप के आर्थिक नाकेबंदी के ऐलान के बाद अब अमेरिकी युद्ध सचिव पीट हेगथेस ने कहा है कि अमेरिका ईरान के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करने के लिए तैयार है। होर्मुज पर भी कार्रवाई की जा सकती है। पीट हेगथेस ने कहा कि अमेरिका ईरान पर आर्थिक दबाव बनाए रखने के लिए हमले के किसी भी संभावना से इनकार नहीं करता है।

हेगसेथ के बयान से तनाव बढ़ा

क्या अमेरिका ने ईरान पर सैन्य हमले फिलहाल रोक दिए हैं? इस सवाल के जवाब में हेगसेथ ने कहा कि नहीं, अगर हमें सैन्य बल का प्रयोग करने की जरूरत पड़ी, तो हम जरूर करेंगे। अगर ईरान अपनी हद पार करता है और अमेरिकी सेना से पंगा लेने की मूर्खता करता है तो हम जरूरी कदम उठाएंगे। उन्होंने कहा कि हम जानते हैं कि आर्थिक दबाव से ईरान को इस समय बहुत ज्यादा नुकासान हो रहा है। हेगसेथ ने ये बयान विस्कॉन्सिन के ओशकोश की अपनी यात्रा के दौरान दिए। उन्होने कहा कि हमारी सेना ने उनकी नौसेना, रडार और मिसाइल क्षमता को भारी नुकसान पहुंचाया है। उनके पास अभी भी कुछ क्षमता बची है, लेकिन वो पहले जैसा बिल्कुल भी नहीं है। यही कारण है कि हम होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा करने में सक्षम रहें और तेल का प्रवाह जारी रख सकें।

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उन्होने कहा कि लगातार आर्थिक दबाव ईरान को उसके परमाणु कार्यक्रम पर बीतचीत की ओर धकेल सकता है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी दावा किया था कि ईरान बरबाद हो चुका है। उसकी सैन्य क्षमता खत्म हो चुकी है। ईरान के पास अब कोई नौसेना या वायुसेना नहीं बची है। IRGC लगभग खत्म हो चुक है और वह भाग रही है। बचे हुए सैनिकों को वेतन नहीं मिल रहा, नेतृत्व अनिश्चित है। ईरान देश आर्थिक रूप से बर्बाद हो चुका है और महंगाई 300 प्रतिशत के आसपास पहुंच गई है। डोनाल्ट ट्रंप ने कहा कि उनके पास सिर्फ फेक न्यूज और बढ़ती महंगाई बची है।

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Published By:
 Sujeet Kumar
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