US-Iran Deal: होर्मुज खुलेगा, तेल पर बैन हटाने से लेकर ईरानी फंड रिलीज होने तक... जानिए ईरान अमेरिका डील की बड़ी बातें
ईरान के साथ शांति समझौते की जानकारी देते हुए ट्रंप ने होर्मुज को भी खोलने का ऐलान किया। इस प्रस्तावित शांति समझौते को लेकर दोनों देशों की ओर से कई शर्तें भी रखी गई है। आइए जानते डील की बड़ी बातों के बारे में...
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर पूरी तरह सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि अमेरिका और ईरान के बीच एक महत्वपूर्ण समझौते पर रविवार को हस्ताक्षर किए जाएंगे। दोनों देशों के बीच समझौता होने के बाद बीते करीब चार महीने से चल रहे युद्ध का भी अंत हो जाएगा। ट्रंप ने शांति समझौते पर सहमति के साथ-साथ होर्मुज को भी तुरंत खोलने का ऐलान किया है। आइए जानते हैं ईरान अमेरिका डील की बड़ी बातें...
ट्रंप ने इस समझौते को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों में बुनियादी बदलाव बताते हुए दावा किया कि डील पूरी तरह से तय हो चुकी है। ऐसे में अब मैं होर्मुज को टोल-फ्री खोलने और नौसैनिक ब्लॉकेड हटाने की मंजूरी देता हूं। इस ऐलान के साथ कई देशों ने राहत की सांस ली है, क्योंकि इस युद्ध के खत्म होने का सभी लंबे समय से इंतजार कर रहे थे।
ट्रंप ने ईरान के साथ डील पर क्या कहा?
ईरान के साथ शांति समझौते की जानकारी देते हुए ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट किया, “इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ डील अब पूरी हो गई है। सभी को बधाई! मैं होर्मुज जलडमरूमध्य को बिना किसी शुल्क के खोलने की पूरी मंजूरी देता हूं और साथ ही, अमेरिका की नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाने का भी आदेश देता हूं। दुनिया भर के जहाजों, अपने इंजन चालू करो। तेल का प्रवाह शुरू होने दो!”
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी मेहर ने बताया कि समझौता कई शर्तों पर आधारित है। दोनों पक्षों के बीच 60 दिनों की गहन बातचीत के बाद यह समझौता तैयार हुआ है।
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समझौते की प्रमुख शर्तें:
- ईरान के तेल, पेट्रोकेमिकल्स और संबंधित निर्यात पर लगी सभी अमेरिकी पाबंदियां हटा ली जाएंगी।
- ईरान को अपने ऊर्जा निर्यात से प्राप्त विदेशी वित्तीय राजस्व तक पूर्ण पहुंच मिलेगी।
- ईरान के फ्रोजन वित्तीय संसाधनों को पूरा एक्सेस बहाल किया जाएगा।
- बातचीत के दौरान ईरान के 24 अरब डॉलर के फ्रोजन फंड जारी किए जाएंगे, जिनमें से 12 अरब डॉलर बातचीत शुरू होने से पहले ही रिलीज कर दिए जाएंगे।
- अमेरिका और उसके सहयोगी देश ईरान के पुनर्निर्माण के लिए कम से कम 300 अरब डॉलर की व्यापक योजनाएं तैयार करेंगे।
- 30 दिनों के अंदर अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाएगा।
- लेबनान समेत सभी मोर्चों पर युद्ध तुरंत और स्थायी रूप से बंद किया जाएगा।
- अमेरिका ईरान के आंतरिक मामलों में दखल न देने और उसकी संप्रभुता का सम्मान करने का वादा करेगा।
- अमेरिका ईरान के आसपास के इलाकों से अपनी सैन्य टुकड़ियों को वापस बुलाएगा।
- ईरान परमाणु हथियार न बनाने के NPT (परमाणु अप्रसार संधि) के अपने वादे को दोहराएगा।
- बातचीत के दौरान अमेरिका इस क्षेत्र में अतिरिक्त सैन्य तैनाती या नई पाबंदियां नहीं लगाएगा।
- समझौते के कार्यान्वयन पर एक अंतरराष्ट्रीय निगरानी तंत्र नजर रखेगा।
- अंतिम समझौते को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव से मंजूरी दी जाएगी।
- परमाणु मामलों पर अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए 60 दिनों की बातचीत की समय-सीमा तय।
यह समझौता मिडिल ईस्ट के लिए शांति देने वाला माना जा रहा है। वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार पर इसके सकारात्मक प्रभाव पड़ने की उम्मीद है। दोनों पक्ष अब औपचारिक हस्ताक्षर समारोह की तैयारी में जुट गए हैं। इस डील पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर होने की उम्मीद है।