रेपिस्ट, बाल यौन अपराधी और गद्दार... ट्रंप पर गोली चलाने से 10 मिनट पहले हमलवार ने लिखा था मेनिफेस्टो; सीक्रेट सर्विस की भी खोली पोल
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए यह खुलासा किया गया है कि बाद में यह दस्तावेज एक रिश्तेदार द्वारा पुलिस को सौंप दिया गया था।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Donald Trump Firing: व्हाइट हाउस कॉरेस्पोंडेंट्स डिनर के दौरान हुई गोलीबारी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। अब इस हमले के मुख्य आरोपी कोल एलन (Cole Allen) का 1,052 शब्दों का विस्तृत मेनिफेस्टो सामने आया है जो न केवल उसकी कट्टरपंथी सोच को उजागर करता है बल्कि अमेरिका की सर्वोच्च सुरक्षा एजेंसी ‘सीक्रेट सर्विस’ की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। खुद को फ्रेंडली फेडरल असैसिन कहने वाले 31 वर्षीय एलन ने हमले से महज 10 मिनट पहले यह पत्र अपने परिजनों को भेजा था।
न्यूयॉर्क पोस्ट की एक रिपोर्ट में एक अमेरिकी अधिकारी का हवाला देते हुए यह खुलासा किया गया है कि बाद में यह दस्तावेज एक रिश्तेदार द्वारा पुलिस को सौंप दिया गया था। उसने ईरानी एजेंट का उदाहरण देते हुए यह भी लिखा कि इवेंट की सुरक्षा काफी ढीली थी और इसे आसानी से भेदा जा सकता था। उसने बताया, "अगर मैं अमेरिकी नागरिक होने के बजाय एक ईरानी एजेंट होता, तो मैं यहां एक एम2 ब्राउनिंग 50-कैलिबर मशीन गन ला सकता था और किसी को कुछ पता भी नहीं चलता।"
किस तरह की गोलियां चुनी और क्यों...हमलावर ने मेनिफेस्टो में सबकुछ बताया
एलेन ने अपनी योजना भी समझाई, जिसमें उसने बताया कि उसने किस तरह की गोलियां चुनीं और क्यों। उसने लिखा, “हादसे में कम से कम लोगों को नुकसान हो, इसलिए मैं स्लग्स की जगह बकशॉट का इस्तेमाल करूंगा (क्योंकि इससे दीवारों के पार कम असर होता है)। अगर बिल्कुल जरूरी हुआ, तो मैं यहां मौजूद ज्यादातर लोगों के बीच से गुजरते हुए अपने निशाने तक पहुंच सकता हूं (क्योंकि ज्यादातर लोग एक ऐसे व्यक्ति का भाषण सुनने आए हैं जिसे मैं अपराधी मानता हूं, इसलिए वे भी इसमें शामिल हैं), लेकिन मुझे उम्मीद है कि ऐसा नहीं होगा।”
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हमले की वजह भी हमलावर ने बताई
इस दस्तावेज में एलन ने हमले के पीछे की अपनी वजह भी बताई थी। उसने अपने कामों को आक्रामकता के तौर पर नहीं, बल्कि दूसरों की तकलीफो के जवाब के तौर पर पेश किया था। उसने लिखा, "दूसरा गाल आगे करना तब होता है जब आप खुद पर ज़ुल्म सह रहे हों। मैं वह इंसान नहीं हूं जिसके साथ किसी डिटेंशन कैंप में बलात्कार हुआ हो। मैं वह मछुआरा नहीं हूं जिसे बिना किसी सुनवाई के मौत की सजा दे दी गई हो। जब किसी और पर जुल्म हो रहा हो तब दूसरा गाल आगे करना ईसाई व्यवहार नहीं है। यह तो जुल्म करने वाले के अपराधों में उसका साथ देना है।"
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इस दस्तावेज में अमेरिकी राष्ट्रपति और वरिष्ठ अधिकारियों पर बार-बार हमले किए गए थे। एलन ने लिखा, "मैं अब किसी बाल-यौन अपराधी, बलात्कारी और गद्दार को अपने अपराधों से अपने हाथ रंगने की अनुमति देने को तैयार नहीं हूं।"
एलन ने दावा किया कि वह कई हथियार लेकर वॉशिंगटन हिल्टन में दाखिल हो गया था और किसी ने भी उससे कोई पूछताछ नहीं की। उसने लिखा, "जैसे होटल में घुसते ही जिस एक चीज पर मेरी नजर सबसे पहले पड़ी वह थी वहां की हेकड़ी। मैं कई हथियारों के साथ अंदर गया, लेकिन वहां मौजूद किसी भी एक व्यक्ति ने इस बात की जरा भी संभावना नहीं सोची कि मैं उनके लिए कोई खतरा हो सकता हूं।"
उसने आगे लिखा, "इस इवेंट की सारी सुरक्षा बाहर ही लगी हुई है, जिसका पूरा ध्यान प्रदर्शनकारियों और अभी-अभी आने वाले लोगों पर है क्योंकि जाहिर है किसी ने यह सोचा ही नहीं कि अगर कोई एक दिन पहले ही चेक-इन कर ले तो क्या होगा। सच कहूं तो यह लापरवाही तो हद से ज्यादा है और मैं पूरी ईमानदारी से उम्मीद करता हूं कि जब इस देश को दोबारा कोई काबिल नेतृत्व मिलेगा, तब तक यह कमी ठीक हो चुकी होगी।"
पूरे मामले को लेकर अभी जांच जारी
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि एलन ने अपने संदेश में सुरक्षा एजेंसियों जैसे सीक्रेट सर्विस, कैपिटल पुलिस और नेशनल गार्ड का उल्लेख किया, लेकिन यह स्पष्ट किया कि वह कुछ लोगों को लक्ष्य नहीं बनाएगा, जैसे होटल कर्मचारी या आम मेहमान। इस पूरे मामले को लेकर अभी जांच जारी है। अधिकारियों ने अभी तक यह स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है कि यह कथित घोषणापत्र पूरी तरह सही है या नहीं। साथ ही यह भी साफ नहीं है कि गोलीबारी की घटना और किसी राजनीतिक संदेश का आपस में सीधा संबंध है या नहीं। फिलहाल जांच एजेंसियां सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही हैं और सुरक्षा से जुड़े सभी बिंदुओं की समीक्षा की जा रही है।
ट्रंप का दावा- हमले के पीछे 'ईसाई-विरोधी' सोच
अमेरिकी राष्ट्रपति ने डिनर शूटिंग में शामिल हमलावर को "पूरी तरह से ईसाई विरोधी" उद्देश्यों से प्रेरित बताया। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से कहा, "उसके दिल में काफी समय से बहुत नफरत थी, और वह बस, मुझे नहीं पता, वह बस, यह एक धार्मिक चीज थी। यह पूरी तरह से ईसाई विरोधी था।" राष्ट्रपति ने आगे कहा, "जब आप उसका घोषणापत्र पढ़ते हैं, तो वह आदमी एक बीमार आदमी पता चलता है। वह ईसाइयों से नफरत करता है, यह निश्चित रूप से एक बात है... और मुझे लगता है कि उसकी बहन या उसका भाई वास्तव में इसके बारे में शिकायत कर रहे थे। वे पुलिस से भी शिकायत कर रहे थे। वह बहुत परेशान आदमी था।"