'...तो बहुत सारे बम फिर से गिरने लगेंगे', सीजफायर खत्म होने से पहले ट्रंप की धमकी, JD Vance जा रहे पाकिस्तान, क्या ईरान भी होगा तैयार?
US-Iran War news: इस्लामाबाद में दूसरे दौर की शांति वार्ता से पहले ट्रंप ने फिर ईरान को धमकाया है। उन्होंने कहा कि किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहने पर लड़ाई तुरंत फिर से शुरू हो सकती है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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US- Iran War news: अमेरिका और ईरान में सीजफायर खत्म होने से पहले दूसरे दौर की शांति वार्ता पर संकट मंडरा रहा है। ईरान फिलहाल बातचीत के लिए तैयार नहीं है। उसने वार्ता के लिए अमेरिका के सामने होर्मुज से नाकेबंदी हटाने की शर्त रखी है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को धमकाते हुए कहा है कि जब तक डील नहीं हो जाती, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से अमेरिकी नाकाबंदी नहीं हटाई जाएगी।
पाकिस्तान के इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की वार्ता होनी है। पहले फेज की बातचीत नाकाम हुई थी। तब दोनों देशों के बीच किसी समझौते पर सहमति नहीं बन पाई।
समझौते की कोई जल्दबादी नहीं- ट्रंप
इस बीच ट्रंप ने साफ किया कि समझौते की कोई जल्दबाजी नहीं है। वे किसी भी ‘दबाव’ में आकर घटिया डील साइन नहीं करेंगे।
ट्रंप ने अपने ट्रुथ सोशल पर पोस्ट करते हुए यह भी कहा कि अमेरिका की होर्मुज स्ट्रेट के आसपास की एक हफ्ते पहले शुरू हुई नाकेबंदी ईरान को पूरी तरह से तबाह कर रही है। उन्होंने कहा कि इस नाकेबंदी को हटाने की अमेरिका का फिलहाल कोई योजना नहीं है। इस संघर्ष में अमेरिका को साफ तौर पर जीत मिल रही है।
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‘सीजफायर खत्म होने से पहले डील नहीं हुई तो…’
अमेरिका के राष्ट्रपति ने कहा कि बुधवार शाम को सीजफायर की समय सीमा खत्म होने तक अगर कोई समझौता नहीं होता तो बहुत सारे बम फिर से गिरने लगेंगे। किसी समझौते पर पहुंचने में नाकाम रहने पर लड़ाई तुरंत फिर से शुरू हो सकती है। बता दें कि अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के हुए सीजफायर की समय सीमा 22 अप्रैल को खत्म हो रही है।
जेडी वेंस जा रहे हैं पाकिस्तान
एक तरफ अमेरिका बातचीत के लिए तैयार है। बताया जा रहा है कि बातचीत के लिए अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस पाकिस्तान जा रहे हैं। जबकि ईरान के बैठक में शामिल होगा या नहीं, ये अभी तक पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने कहा है कि वादे निभाना ही सार्थक बातचीत का आधार है।
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उन्होंने कहा कि अमेरिकी सरकार के रवैये को लेकर ईरान में गहरा अविश्वास अब भी बना हुआ है। वे चाहते हैं कि ईरान हथियार डाल दे। ईरानी लोग जोर-जबरदस्ती के आगे नहीं झुकते।