Iran Israel War: ईरानी जहाजों को डुबोने में मजा आता है, हमने 46 नष्ट किए... ईरान-इजरायल युद्ध पर डोनाल्ड ट्रंप ने क्या-क्या कहा? VIDEO
Donald Trump ने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने 46 ईरानी युद्धपोत डुबो दिए। उन्होंने कहा अमेरिकी सेना को कब्जा करने से ज्यादा युद्धपोतों को डुबाने में मजा आता है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फ्लोरिडा में रिपब्लिकन सदस्यों की एक बैठक में ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर बात की। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी नौसेना ने महज साढ़े तीन दिनों में ईरान के 46 अत्याधुनिक युद्धपोतों को समुद्र में डुबो दिया है। ट्रंप के अनुसार, ईरान का पूरा नौसैनिक बेड़ा अब समुद्र तल में दबा पड़ा है।
ट्रंप ने अपने दावे में एक दिलचस्प बातचीत का जिक्र किया। उन्होंने सेना के एक अधिकारी से पूछा कि इतने बेहतरीन जहाजों को क्यों डुबोया गया, इन्हें कब्जे में लेकर अमेरिका इस्तेमाल क्यों नहीं कर सकता? जवाब में अधिकारी ने हल्के-फुल्के अंदाज में कहा, "इन्हें डुबोने में ज्यादा मजा आता है।" ट्रंप ने आगे बताया कि सेना के लोग जहाज डुबोना ज्यादा सुरक्षित भी मानते हैं। इस बात पर बैठक में मौजूद लोग हंस पड़े।
5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले
ट्रंप ने कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को बुरी तरह तबाह कर दिया गया है। अब उसकी मिसाइल ताकत महज 10 प्रतिशत रह गई है। ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने युद्ध शुरू होने के बाद से ईरान में 5,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमले किए हैं। ईरान की ड्रोन और मिसाइल क्षमता पूरी तरह से नष्ट हो रही है। नौसेना खत्म हो चुकी है। सब कुछ समुद्र की गहराई में डूबा पड़ा है।
पिछले महीने शुरू हुआ युद्ध
इजरायल-अमेरिका और ईरान युद्ध की शुरुआत पिछले महीने हुई, जब अमेरिका और इजरायल ने संयुक्त रूप से ईरान पर हमले किए, जिसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई। इसके बाद ईरान ने इजरायल और खाड़ी देशों सऊदी अरब, बहरीन, कतर और यूएई में अमेरिकी सैन्य अड्डों पर मिसाइलें दागीं। इसी जंग में श्रीलंका के पास ईरानी युद्धपोत IRIS डेना को अमेरिकी हमले में डुबो दिया गया, जिसमें लगभग 80 लोग मारे गए। यह जहाज उस समय भारत की मित्रता यात्रा पर था।
Advertisement
20 गुना ज्यादा जोरदार हमले की चेतावनी
डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट में तेल की आवाजाही रोकने की कोशिश करता है, तो अमेरिका उस पर अब तक से 20 गुना ज्यादा जोरदार हमला करेगा। उन्होंने कहा कि ऐसे में ईरान को दोबारा राष्ट्र के रूप में खड़ा होना नामुमकिन हो जाएगा।
ईरान की ओर से इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के प्रवक्ता ने जवाब दिया कि हमले जारी रहे तो क्षेत्र से एक लीटर तेल भी बाहर नहीं जा सकेगा। उन्होंने दावा किया कि युद्ध कब और कैसे खत्म होगा, यह ईरान तय करेगा। यह संघर्ष तेजी से फैल रहा है और इससे वैश्विक तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं, जबकि शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई है। स्थिति अब एशिया तक पहुंच चुकी है।