‘नेतन्याहू नहीं, सारे फैसले मैं लेता हूं’, इजराइल-ईरान जंग के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, कहा- तेहरान के साथ शांति वार्ता रहेगी जारी
Iran-Israel War Update: इजराइल द्वारा ईरान पर नए हमलों के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि तेहरान के साथ शांति वार्ता जारी रहेगी। ट्रंप ने कहा कि नेतन्याहू नहीं बल्कि सारे फैसले वो खुद लेते हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Iran-Israel War Update 2026: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा है कि इजराइल और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुए हमलों का तेहरान के साथ उनके प्रशासन की शांति वार्ता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। बता दें, अमेरिकी राष्ट्रपति की चेतावनियों को दरकिनार करते हुए इजराइल ने सोमवार को पश्चिमी और मध्य ईरान में सैन्य ठिकानों पर नए हमले किए।
इस पर तंज कसते हुए ट्रंप ने कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू "फैसले नहीं लेते हैं।" ट्रंप ने 'फाइनेंशियल टाइम्स' से बातचीत में जोर देकर कहा, "इसका समझौते पर कोई असर नहीं पड़ेगा।” इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू फैसले नहीं लेते हैं। सारे फैसले मैं ही लेता हूं।
ट्रंप ने हमले न करने की दी थी नसीहत
एक इजराइली अधिकारी के अनुसार, न्यू जर्सी के बेडमिंस्टर में डोनाल्ड ट्रंप और बेंजामिन नेतन्याहू के बीच रविवार को फोन पर करीब आधे घंटे बात हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रंप ने बातचीत के दौरान नेतन्याहू से ईरान पर और हमले न करने को कहा था, क्योंकि अमेरिका और ईरान एक समझौते के बेहद करीब हैं।
इससे पहले 'मीट द प्रेस' इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था, "हम एक डील के बहुत करीब हैं, वरना मैं उन्हें बुरी तरह तबाह कर दूंगा।" हालांकि, ट्रंप की इस नसीहत के कुछ ही घंटों बाद इजराइली डिफेंस फोर्सेज (IDF) ने हवा से छोड़ी जाने वाली बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल कर ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया।
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लेबनान और बेरूत में फिर भड़की हिंसा
तनाव तब और बढ़ गया जब इजराइल ने लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी बाहरी इलाके (दाहियेह) में हिज्बुल्लाह के गढ़ पर हमले किए। अमेरिका द्वारा लेबनान के लिए युद्धविराम योजना की घोषणा के बाद यह पहला मौका था जब इजराइल ने वहां बमबारी की। इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने नाजरेथ के पास स्थित इजराइल के 'रामत डेविड एयर बेस' पर कई मिसाइलें दागीं, जिन्हें इजराइली डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही इंटरसेप्ट कर लिया।
शांति समझौते की राह में क्या हैं मुख्य रोड़े?
बता दें, अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध को रोकने के लिए चल रही बातचीत में लेबनान का मुद्दा सबसे बड़ा पेंच बना हुआ है। तेहरान का रुख साफ है कि अमेरिका के साथ कोई भी शांति समझौता तभी संभव है, जब लेबनान में भी पूरी तरह से सीजफायर (युद्धविराम) लागू रहे। वहीं, इजराइली अधिकारियों का मानना है कि हिज्बुल्लाह के खिलाफ उनके अभियान को ईरान के साथ किसी भी समझौते से अलग देखा जाना चाहिए।