Donald Trump की धमकी से तेल बाजार में भारी उथल-पुथल, ब्रेंट क्रूड की कीमत में 2% उछाल

Donald Trump ने ईरान के खिलाफ सख्त धमकी देते हुए पावर प्लांट और ब्रिजेस पर हमले की चेतावनी दी है। इसके बाद क्रूड ऑयल की कीमतें तेजी से बढ़ गईं। ब्रेंट क्रूड 2% उछलकर $111.25 और अमेरिकी क्रूड $114.54 प्रति बैरल पहुंच गया।

Crude oil prices jump in early trading after donald Trump threats iran
ब्रेंट क्रूड की कीमत में 2% उछाल | Image: AP

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर मंगलवार तक स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) सभी जहाजों के लिए नहीं खोला गया, तो ईरान के पावर प्लांट्स और ब्रिजेस पर हमला किया जाएगा।

उन्होंने लिखा, "मंगलवार पावर प्लांट डे और ब्रिज डे होगा... अगर मंगलवार तक दुनिया के व्यापार के लिए बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हरमुज नहीं खोला गया, तो ईरान नर्क में जीने को मजबूर हो जाएगा।" इसके बाद उन्होंने एक और पोस्ट किया, जिसमें लिखा था- "मंगलवार, रात 8:00 बजे (Eastern Time)!"

डोनाल्ड ट्रंप के इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड की कीमत 2% से ज्यादा बढ़कर 111.25 डॉलर प्रति बैरल हो गई, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड लगभग 3% चढ़कर 114.54 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया। यह स्तर 2022 की गर्मियों के बाद सबसे ऊंचा है, जब रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद वैश्विक स्तर पर महंगाई चरम पर थी।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज क्यों महत्वपूर्ण है?

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ने वाला संकीर्ण जलमार्ग है। दुनिया का लगभग 20% तेल और तरल प्राकृतिक गैस इसी रास्ते से गुजरता है। ईरान इस क्षेत्र पर मजबूत नियंत्रण रखता है।

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वर्तमान में ईरान युद्ध (US-Israel vs Iran) के कारण ईरान ने इस स्ट्रेट को प्रभावी रूप से ब्लॉक कर रखा है। ईरान अपने तेल और गैस के निर्यात की अनुमति दे रहा है, लेकिन अन्य देशों के जहाजों पर हमले कर रहा है या टोल मांग रहा है। इससे हजारों जहाज फंस गए हैं, वैश्विक तेल आपूर्ति बाधित हुई है और कीमतें आसमान छू रही हैं।

ईरान युद्ध की वर्तमान स्थिति

28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमले शुरू किए। लक्ष्य था ईरान के परमाणु कार्यक्रम, बैलिस्टिक मिसाइलें, सैन्य ठिकाने और नेतृत्व को निशाना बनाना। इन्हें हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत हो गई।

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बदले में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाब दिया। अमेरिकी ठिकानों, इजरायल और क्षेत्रीय सहयोगी देशों (सऊदी अरब, यूएई) पर हमले किए। साथ ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को हथियार बना लिया, ताकि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर दबाव बन सके। इस युद्ध को एक महीने से ज्यादा हो गया है। अमेरिका ने ईरान की नौसेना और वायुसेना को काफी नुकसान पहुंचाया है।

ट्रंप की रणनीति

ट्रंप ने कहा कि उनके कोर ऑब्जेक्टिव्स लगभग पूरे हो चुके हैं, लेकिन उन्होंने अगले कुछ दिनों में ईरान पर बहुत सख्त हमले जारी रखने की बात कही। ईरान स्ट्रेट खोलने से इनकार कर रहा है और कह रहा है कि यह उसका एकमात्र लीवरेज है। ट्रंप ने सहयोगी देशों से स्ट्रेट खोलने में मदद मांगी थी, लेकिन कई देश खुद को इसमें शामिल करने से हिचकिचा रहे हैं।

ईरान युद्ध अब न सिर्फ सैन्य, बल्कि आर्थिक मोर्चे पर भी लड़ रहा है। स्ट्रेट बंद रहने से एशिया में तेल की कमी हो रही है, महंगाई बढ़ रही है और वैश्विक सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। कई देश स्ट्रेट को फिर से खोलने के लिए कूटनीतिक कोशिशें कर रहे हैं, लेकिन ट्रंप की नई धमकियों से तनाव और बढ़ गया है।

तेल की कीमतें

अगर स्ट्रेट लंबे समय तक बंद रहा तो तेल की कीमतें 120-140 डॉलर या उससे ऊपर जा सकती हैं, जिससे भारत जैसे आयातक देशों में पेट्रोल-डीजल महंगा हो जाएगा और मुद्रास्फीति बढ़ेगी। आपूर्ति बाधित होने से मुद्रास्फीति, शेयर बाजार में गिरावट और मंदी का खतरा है। अगर ट्रंप ने पावर प्लांट्स पर हमला किया, तो ईरान की प्रतिक्रिया और तेज हो सकती है, जिससे क्षेत्रीय संघर्ष और बड़ा रूप ले सकता है।

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Published By :
Sagar Singh
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