Advertisement

Updated May 15th, 2024 at 22:27 IST

कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से महिला का शरीर डिसेबल! कंपनी पर कराई FIR; जानिए पूरा मामला

AstraZeneca Corona Vaccine Side Effects: कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से महिला के शरीर ने काम करना बंद कर दिया था।

Reported by: Digital Desk
Edited by: Kunal Verma
Nations worldwide are attempting to draft a treaty that would allow for a coordinated response to the next global pandemic.
प्रतीकात्मक तस्वीर | Image:AP
Advertisement

AstraZeneca Corona Vaccine Side Effects: कोरोना वैक्सीन के साइड इफेक्ट से महिला के शरीर ने काम करना बंद कर दिया था। इसके बाद महिला ने कंपनी से मेडिकल केयर कंपनी की मांग की। कंपनी ने उससे इनकार कर दिया, जिसके बाद महिला ने FIR दर्ज करा दी है।

क्लीनिकल ट्रायल में शामिल हुई थी महिला

अमेरिकी मीडिया की रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी महिला AstraZeneca कोरोना वैक्सीन के क्लीनिकल ट्रायल में शामिल हुई थी। ब्राए ड्रेसेन नाम की महिला के आरोपों में कहा गया है कि क्लीनिकल ट्रायल से पहले कंपनी ने एक एग्रीमेंट भी किया था, जिसके अनुसार ये कहा गया था कि अगर ट्रायल के दौरान कोई चोट लगती है तो उसका भुगतान कंपनी करेगी। आपको बता दें कि इसी वैक्सीन का ट्रायल अमेरिका के बाद ब्रिटेन में करने की अनुमति मांगी गई थी, लेकिन मंजूरी नहीं मिली।

कंपनी ने नहीं किया भुगतान तो केस

महिला ने अपने आरोपों में कहा कि साल 2020 में क्लीनिकल ट्रायल में शामिल होने के बाग महिला का पूरा शरीर दर्द करने लगा। इसके बाद उसने कंपनी से संपर्क किया, लेकिन कंपनी ने उसके इलाज के लिए भुगतान नहीं किया। इसके बाद महिला के शरीर ने काम करना बंद कर दिया। महिला ने दावा किया कि वो वैक्सीन लेने के बाद पेरिफेरल न्यूरोपैथी से पीड़ित हो गईं। आपको बता दें कि इस कंपनी पर ब्रिटेन में भी 50 से ज्यादा मामले दर्ज कराए गए हैं।

कंपनी ने कबूली थी साइड इफेक्ट की बात

यूके अदालत में फार्मास्युटिकल कंपनी के खिलाफ 100 मिलियन पाउंड के क्लास एक्शन मुकदमे के दौरान कंपनी ने कबूला था कि वैक्सीन से दुर्लभ मामलों में थ्रोम्बोसिस थ्रोम्बोसाइटोपेनिक सिंड्रोम (TTS) का खतरा बन सकता है। एस्ट्राजेनेका ने एक बयान में कहा- 'हमारी सहानुभूति उन लोगों के प्रति है जिन्होंने अपने प्रियजनों को खोया है या स्वास्थ्य समस्याओं की सूचना दी है। रोगी की सुरक्षा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियामक अधिकारियों के पास टीकों सहित सभी दवाओं के सुरक्षित उपयोग को सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट और कड़े मानक हैं।'

ये भी पढ़ेंः केजरीवाल सरकार को बार-बार फटकार के बाद इस बार दिल्ली हाई कोर्ट की कड़ी चेतावनी, जानिए पूरा मामला

Advertisement

Published May 15th, 2024 at 21:05 IST

आपकी आवाज. अब डायरेक्ट.

अपने विचार हमें भेजें, हम उन्हें प्रकाशित करेंगे। यह खंड मॉडरेट किया गया है।

Advertisement

न्यूज़रूम से लेटेस्ट

Advertisement
Advertisement
Advertisement
Whatsapp logo