कौन हैं वो 3 एस्ट्रोनॉट्स? जो अंतरिक्ष से Sunita Williams के साथ कर रहे घर वापसी
NASA Astronauts Return : सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के अलावा और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री भी वापस आ रहे हैं। जानें कौन हैं वो दो एस्ट्रोनॉट्स?
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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NASA Astronauts Return : अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र (ISS) पर पिछले 9 महीने से फंसी नासा (NASA) की अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स (Sunita Williams) और बुच विल्मोर को ‘SpaceX’ का कैप्सूल वापस पृथ्वी पर लेकर आ रहा है। स्पेसएक्स कैप्सूल भारतीय समयानुसार बुधवार सुबह करीब 3 बजकर 27 मिनट पर फ्लोरिडा तट पर उतरेगा।
अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष केंद्र से सुनीता विलियम्स और बुच विल्मोर के अलावा और दो अन्य अंतरिक्ष यात्री भी वापस आ रहे हैं। जिसमें अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री निक हेग (Nick Hague) और रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव (Aleksandr Gorbunov) का नाम शामिल है। ये चारों एस्ट्रोनॉट्स ड्रैगन स्पेसक्राफ्ट से बुधवार सुबह 3:27 बजे फ्लोरिडा के तट के पास समुद्र में लैंड करेंगे।
- निक हेग (कमांडर)
- सुनीता विलियम्स (पायलट)
- बुच विलमोर (मिशन विशेषज्ञ)
- अलेक्जेंडर गोर्बुनोव (मिशन विशेषज्ञ)
बुच विल्मोर
बैरी बुच विल्मोर ने नासा के साथ कई महत्वपूर्ण मिशन में हिस्सा लिया है और एक अनुभवी अमेरिकी एस्ट्रोनॉट हैं। उन्होंने 178 दिनों का समय अंतरिक्ष में बिताया है। वो यूनाइटेड स्टेट्स नेवी के पूर्व टेस्ट पायलट हैं। उन्होंने अमेरिकी नौसेना में कैप्टन के रूप में सेवा दी है और 8,000 से अधिक घंटे उड़ान का अनुभव रखते हैं। उन्हें 2000 में नासा अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था।
निक हेग
निक हेग को 2013 में नासा ने अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना था। वो अमेरिकी वायु सेना में टेस्ट पायलट और इंजीनियर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। निक, अंतरिक्ष में 200 से अधिक दिन बिता चुके हैं और कई स्पेसवॉक कर चुके हैं।
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अलेक्जेंडर गोर्बुनोव
रूसी अंतरिक्ष यात्री अलेक्जेंडर गोर्बुनोव क्रू-9 के लिए मिशन स्पेशलिस्ट की भूमिका में हैं। ये उनकी पहली अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा है।
कहां उतरेगा ड्रैगन?
भारतीय समय अनुसार बुधवार सुबह करीब साढे 3 बजे सुनीता विलियम्स की वापसी होगी। स्पेसक्राफ्ट को अमेरिका के फ्लोरिडा तट पर पानी में उतारा जाएगा। इसके बाद एक-एक करके अंतरिक्ष यात्री इससे बाहर निकाले जाएंगे। लैंडिंग के बाद सभी अंतरिक्ष यात्रियों को नासा जॉनसन स्पेस सेंटर भेजेगा ताकि उनकी मेडिकल जांच की जा सके। इस दौरान उनके शारीरिक और मानसिक बदलाव को समझने की कोशिश की जाएगी।