'बैठक की मेजबानी करने के लिए प्रधानमंत्री...' चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने ब्रिक्स की सक्सेस पर PM मोदी को दी बधाई
नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देते हुए 'ग्लोबल साउथ' को बदलती वैश्विक व्यवस्था का मुख्य चालक बताया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने विश्व व्यवस्था, अंतरराष्ट्रीय नियमों और 'ग्लोबल साउथ' के भविष्य पर जोर दिया। उन्होंने पीएम मोदी और भारत सरकार का धन्यवाद किया।
शी जिनपिंग ने इस बात पर जोर दिया कि तेजी से बदलती दुनिया में ब्रिक्स देशों को अंतरराष्ट्रीय मंच पर एक सकारात्मक, सक्रिय और स्थिरता लाने वाली शक्ति के रूप में सामने आना होगा।
वैश्विक बदलाव और 'ग्लोबल साउथ' की उभरती भूमिका पर दिया जोर
शी जिनपिंग ने कहा कि वर्तमान समय में दुनिया ऐसे अभूतपूर्व बदलावों से गुजर रही है जो पिछली एक सदी में नहीं देखे गए। ऐसे माहौल में 'ग्लोबल साउथ' अपनी सामूहिक प्रगति के साथ विश्व व्यवस्था का मुख्य चालक बन चुका है। अंतरराष्ट्रीय अस्थिरता और वैश्विक जोखिमों के बीच ब्रिक्स देशों को ऐतिहासिक पहल करते हुए पूरे विकासशील जगत को एकजुट करना होगा और मानवता के कल्याण के लिए काम करना होगा।
न्यू डेवलपमेंट बैंक का समर्थन है जरूरी
अंतरराष्ट्रीय नियमों की आवश्यकता को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा कि बिना नियमों वाली दुनिया उस चौराहे की तरह है जहां कोई ट्रैफिक लाइट न हो। जहां अफरातफरी होना तय है। उन्होंने 'जिसकी लाठी उसकी भैंस' वाली ताकतवर मानसिकता को खारिज करने पर बल दिया। कहा कि सभी देशों को समानता, आंतरिक मामलों में दखल न देने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान जैसे बुनियादी सिद्धांतों को बनाए रखना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र (UN) के अधिकार और विश्व व्यापार संगठन (WTO) में सही दिशा में सुधारों का समर्थन किया जाना चाहिए। विकासशील देशों की आवाज को मजबूत करने के लिए अंतरराष्ट्रीय वित्तीय ढांचे और 'न्यू डेवलपमेंट बैंक' (NDB) का समर्थन जरूरी है।
Advertisement
'सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए 2030 एजेंडा'- राष्ट्रपति शी जिनपिंग
शी जिनपिंग ने 'सस्टेनेबल डेवलपमेंट के लिए 2030 एजेंडा' के प्रति प्रतिबद्धता जताई। उन्होंने बताया कि चीन के 'ग्लोबल डेवलपमेंट इनिशिएटिव' के तहत 120 से अधिक देशों में 2,000 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स पूरे किए गए हैं। चीन ने अपने दरवाजे और अधिक खोलते हुए 53 अफ्रीकी देशों को जीरो-टैरिफ सुविधा दी है। सुरक्षा और नई तकनीकों पर बात करते हुए उन्होंने पेरिस समझौते को पूरी तरह लागू करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मानव कल्याण के लिए इस्तेमाल करने का आह्वान किया। उन्होंने एक सर्वसम्मत ग्लोबल AI गवर्नेंस फ्रेमवर्क बनाने पर जोर दिया।
ब्रिक्स सहयोग को मजबूत करने के लिए विशेष पहल
ब्रिक्स देशों के बीच औद्योगिक, व्यापारिक और तकनीकी संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए चीनी राष्ट्रपति ने प्रमुख पहलों का प्रस्ताव रखा। चीन BRICS AI ओपन सोर्स कम्युनिटी बनाने में भूमिका निभाएगा और बड़े लैंग्वेज मॉडल के विकास व ट्रेनिंग के लिए एक ओपन इकोसिस्टम तैयार करेगा। 'BRICS स्पेशल इकोनॉमिक जोन पार्टनरशिप' का गठन, जिससे इंटेलिजेंट पोर्टल और नीतियों में तालमेल बनाया जा सके। इसके साथ ही चीन अगले वर्ष 'BRICS फोरम ऑन ट्रेड इन सर्विसेज' आयोजित करेगा।