तालिबानी मंत्री की पाकिस्तान को धमकी, 'हमारे सब्र का इम्तिहान मत लो वरना खतरनाक होगा अंजाम'
हक्कानी ने अपने लड़ाकों को संबोधित करते हुए उन्हें निरंतर संघर्ष के लिए कहा और पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भेजा है कि दमन या गिरफ्तारियां तालिबान को रोक नहीं सकती।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सीमा तनाव के बीच, तालिबान ने पाकिस्तान को पीछे हटने की कड़ी चेतावनी दी है और अपने पड़ोसी पर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है।अफगानिस्तान के कार्यवाहक आंतरिक मामलों के मंत्री सिराजुद्दीन हक्कानी ने पाकिस्तान को चेतावनी दी है कि अगर उनके सब्र का फिर से इम्तिहान लिया गया, तो इसका नतीजा खतरनाक होगा।
युद्ध की धमकी
तालिबान नेतृत्व के एक प्रमुख व्यक्ति हक्कानी ने स्पष्ट रूप से पाकिस्तान पर अफगान संप्रभुता का उल्लंघन करने और लगातार हस्तक्षेप में शामिल होने का आरोप लगाया है।
सूत्रों के अनुसार, हक्कानी ने लंबी दूरी की मिसाइलों और एडवांस हथियारों के संबंध में तालिबान की सीमाओं को स्वीकार करते हुए भी, तालिबान के अटूट दृढ़ संकल्प और अपरंपरागत युद्ध पर निर्भरता पर जोर दिया। तालिबान प्रॉक्सी वॉर, स्थानीय लड़ाकों,आत्मघाती और आईईडी (IED) जैसे हथकंडों पर ज्यादा भरोसा करता है।
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सूत्रों ने बताया कि हक्कानी ने अपने लड़ाकों को संबोधित करते हुए उन्हें निरंतर संघर्ष के लिए कहा और पाकिस्तान को एक कड़ा संदेश भेजा है कि दमन या गिरफ्तारियां तालिबान को रोक नहीं सकती। तालिबान नेतृत्व पाकिस्तान को अफगान स्वायत्तता को कमजोर करने वाला आक्रामक देश मानता है। सूत्रों का कहना है कि तालिबान का मकसद चीन, ईरान और रूस को बताना कि अब तालिबान को पाकिस्तान के जरिए यहां से वहां नहीं किया जा सकता है।
सूत्रों ने बताया कि तालिबान ने सीमा पार नेटवर्क, प्रॉक्सी कॉन्टैक्ट और आतंकवादी गतिविधियों की निगरानी तेज कर दी है। दोनों पड़ोसियों के बीच कोई भी तनाव क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा है।
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भारत का तालिबान को समर्थन
इससे पहले, भारत ने हस्तक्षेप करते हुए अफगानिस्तान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की फिर से पुष्टि की। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तान पर बिना किसी दंड के सीमा पार आतंकवाद में शामिल होने के लिए कड़ी आलोचना की।
बढ़ते तनाव और तालिबान की तीखी चेतावनी ने दोनों पड़ोसी देशों के बीच एक व्यापक संघर्ष की आशंका को बढ़ा दिया है, जिससे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा मंडरा रहा है।