आतंकवाद के मामले में US से पहला प्रत्यर्पण, तहव्वुर राणा को भारत को सौंपने के बाद अब अमेरिका क्या बोला?

तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने के बाद उसके कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है और जल्द ही पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

America on tahawwur hussain rana extradition
अमेरिका ने तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण पर जवाब दिया. | Image: PTI/AP

Tahawwur Hussain Rana Extradition: 26/11 मुंबई हमले के असली गुनहगार को भारत अमेरिका से घसीटकर ले आया है। ये पहला मौका था, जब आतंकवाद के मामले में किसी आतंकी को अमेरिका से प्रत्यर्पण करके लाया गया है। खैर, तहव्वुर राणा को भारत लाए जाने के बाद उसके कड़ी निगरानी में रखा जा रहा है और जल्द ही पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है। इस बीच तहव्वुर राणा के प्रत्यर्पण के बाद अमेरिका ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है।

अमेरिकी विदेश विभाग ने गुरुवार देर रात भारत के साथ मिलकर वैश्विक आतंकवाद से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। एएनआई के मुताबिक, अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस ने कहा- '9 अप्रैल को संयुक्त राज्य अमेरिका ने तहव्वुर हुसैन राणा को भारत को प्रत्यर्पित किया, ताकि उसे 2008 के मुंबई आतंकवादी हमलों की योजना बनाने में उसकी भूमिका के लिए न्याय का सामना करना पड़े।'

अमेरिका ने भारत के प्रयासों का समर्थन किया

ब्रूस ने कहा कि अमेरिका ने हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को जवाबदेह ठहराने के भारत के प्रयासों का लगातार समर्थन किया है। अमेरिकी विदेश विभाग की प्रवक्ता टैमी ब्रूस कहते हैं- 'संयुक्त राज्य अमेरिका ने इन हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों को न्याय के कटघरे में लाने के भारत के प्रयासों का लंबे समय से समर्थन किया है और जैसा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत आतंकवाद के वैश्विक संकट से निपटने के लिए मिलकर काम करना जारी रखेंगे।'

तहव्वुर राणा को भारत प्रत्यर्पित किया गया

64 वर्षीय तहव्वुर राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किए जाने के बाद बुधवार को भारत लाया गया। राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए ने राणा को 18 दिनों की हिरासत में लिया है। आतंकवाद निरोधी एजेंसी 26/11 के घातक आतंकवादी हमले के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए उससे विस्तार से पूछताछ की जानी है।

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एनआईए ने एक बयान में कहा- ‘तहव्वुर राणा 18 दिनों तक एनआईए की हिरासत में रहेगा। इस दौरान एजेंसी उससे 2008 के घातक हमलों के पीछे की पूरी साजिश का पता लगाने के लिए विस्तार से पूछताछ करेगी।’

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Published By :
Dalchand Kumar
पब्लिश्ड