Nepal Flood: फिर 'मसीहा' बने एक्टर सोनू सूद, बाढ़ प्रभावित को राहत सामग्री बांटने खुद पहुंचे त्रिशुला; कहा-मेरा दिल टूट जाता है जब...
पूरी दुनिया नेपाल की मदद के लिए आगे आ रही है। वहीं, अब एक्टर सोनू सूद भी नेपाल पहुंच गए हैं और खुद बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में जाकर राहत सामग्री बांट रहे हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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नेपाल में आई भीषण त्रासदी ने पूरी दुनिया को हिलाकर रख दिया है। बाढ़ से मची तबाही का मंजर देख लोगों का कलेजा पसीज जा रहा है। इस बीच बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद एक बार फिर मसीहा बनकर आगे आए हैं। सोनू सूद बाढ़ पीड़ितों की सहायता के लिए खुद नेपाल पहुंच गए हैं। वे अकेले नहीं बल्कि अपनी चैरिटी फाउंडेशन की टीम और जरूरी राहत सामग्री के साथ पहुंचे हैं। सोनू सूद ने कहा कि नेपाल फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके इसके लिए हम आगे आए हैं।
नेपाल में बाढ़ से मची तबाही में कई विदेशी नागरिक भी फंसे हए हैं, इनमें कई भारतीय भी शामिल है। पूरी दुनिया जहां नेपाल की मदद करने की कोशिश कर रही है, वहीं एक्टर सोनू सूद भी नेपाल पहुंच गए हैं और खुद जाकर राहत सामग्री बांट रहे हैं। एक्टर ने खुद इसकी पुष्टि की है कि उनकी टीम कंबल, खाने-पीने का सामान और अन्य आवश्यक वस्तुएं लेकर बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में मदद पहुंचाने के लिए तैयार है।
पीड़ित परिवारों के बार सोचकर मेरा दिल टूट जाता है- सोनू सूद
सोनू सूद ने ANI से बातचीत में कहा, "तबाही का मंजर आपकी आंखों के सामने है। यह बहुत भयानक है। आप वह हरा घर देख सकते हैं, वह चमत्कारिक घर, जो इन बाढ़ों में भी बच गया। लेकिन गांव का बाकी हिस्सा पूरी तरह बर्बाद हो चुका है और वहां तक पहुंचने का कोई रास्ता नहीं है। उन परिवारों के बारे में सोचकर मेरा दिल टूट जाता है जो यहां फंसे हुए हैं, जिनके घर और परिवार उजड़ गए हैं।"
नेपाल को फिर से खड़ा करने की कोशिश
एक्टर ने आगे कहा, लोग अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं। मुझे उम्मीद है कि हम सब मिलकर उनकी कुछ मदद कर पाएंगे, ताकि नेपाल फिर से अपने पैरों पर खड़ा हो सके। हम बस अपनी तरफ से कोशिश कर रहे हैं और हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हम सबसे मुश्किल जगहों तक पहुंचें और जितनी हो सके, उतनी मदद करें। हम यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगे कि आने वाले महीनों में भी नेपाल को राहत मिलती रहे।”
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सोनू सूद ने की लोगों से ये अपील
सोनू सूद ने बताया कि भारत से नेपाल तक सामान पहुंचाने में कागजी प्रक्रिया और लॉजिस्टिक्स की चुनौतियां आती हैं, फिर भी उनकी टीम लगातार प्रयास जारी रखेगी ताकि प्रभावित लोगों का जीवन सामान्य हो सके। सोनू ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि यह सबका फर्ज है कि वे अपने-अपने तरीके से मदद करें। वे प्रभावितों से पूछ भी रहे हैं कि उन्हें और किन चीजों की जरूरत है, ताकि उसी के अनुसार अतिरिक्त सामान भेजा जा सके।
नेपाल में अब तक 1 हजार से ज्यादा लोगों की मौत
बात दें नेपाल में आई त्रासदी से अब तक 1000 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है वहीं, 4हजार से ज्यादा लोग लापता है। युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। रसुवा जिले के स्याब्रूबेसी के चिलिमे में बाढ़ से प्रभावित हाइड्रोपावर टनल में बचाव अभियान चल रहा है। सुरंग से बचाव कार्य के लिए भारत की तकनीकी टीम, नेपाली सेना के साथ मिलकर चिलिमे और लांगटांग दोनों जगहों पर काम कर रही है। भारत की एक टनल रेस्क्यू टीम ने नेपाली सेना के साथ मिलकर इस अहम हाइड्रोपावर टनल साइट पर संयुक्त खोज और बचाव अभियान शुरू किया है।