Iran US Ceasefire: 'ईरान ने अपना परमाणु टेस्ट कर लिया...', सीजफायर के बाद रूस ने जले पर छिड़का नमक, ट्रंप को मिर्ची लगनी तय है

Russia on Iran US Ceasefire: अमेरिका और ईरान के बीच हुए अस्थायी सीजफायर के बाद रूस का बड़ा बयान आया है। रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' को ईरान का असली न्यूक्लियर हथियार बताया और कहा कि उन्होंने अपना परमाणु टेस्ट कर लिया।

Russia on Iran US Ceasefire
अमेरिका-ईरान सीजफायर पर रूस का बड़ा बयान | Image: Republic

US Iran Ceasefire: अमेरिका और ईरान में हुए सीजफायर के बाद अब रूस ने ट्रंप के जले पर नमक छिड़कने वाला बयान दिया है। पूर्व रूसी राष्ट्रपति और रूस की सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव ने तंज कसते हुए कहा कि ईरान ने अपने परमाणु हथियार का टेस्ट कर लिया है और इसका नाम है- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज।

‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ को बताया ईरान का असली परमाणु हथियार

अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच दो हफ्तों के सीजफायर पर सहमति बनी है। इस पर रूस के पूर्व राष्ट्रपति ने X पर एक पोस्ट किया। इसमें वे लिखते हैं, "यह स्पष्ट नहीं है कि वॉशिंगटन और तेहरान के बीच हुई यह सुलह किस तरह आगे बढ़ेगी। लेकिन एक बात निश्चित है- ईरान ने अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण कर लिया है। इसे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) कहा जाता है। इसकी क्षमता असीमित है।"

अमेरिका और इजरायल की हुई हार?

इससे पहले रूस के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने कहा था कि ईरान के साथ संघर्ष में अमेरिका-इजरायल की हार हुई है। उन्होंने कहा कि 28 फरवरी को ईरान पर बिना उकसावे के किया गया एकतरफा हमले में दोनों (यूएस-इजरायल) की करीबी हार हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि हमारे देश ने शुरू से ही अपने पहले बयानों में कहा था कि इस हमले को तुरंत रोकना जरूरी है।

ट्रंप की धमकियों के आगे झुका नहीं ईरान

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जंग के बीच तनाव का अहम मुद्दा बना रहा, जहां ईरान ने अमेरिका की बार-बार दी गई धमकियों और अल्टीमेटम के बावजूद कभी झुकने से इनकार कर दिया। 28 फरवरी 2026 को शुरू हुए संघर्ष में ट्रंप ने कई बार 48 घंटे से लेकर कुछ दिनों की डेडलाइन दी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को तुरंत खोलने की मांग की।

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साथ ही खुली धमकी दी कि अगर ईरान नहीं माना तो ईरान के पावर प्लांट्स, ब्रिजेस और सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर को तबाह कर दिया जाएगा, लेकिन ईरान ने अपनी रणनीति पर अडिग रहते हुए स्ट्रेट को प्रभावी रूप से नियंत्रित रखा, अमेरिकी और इजरायली जहाजों को रोक दिया, जबकि अन्य देशों के जहाजों से सीमित आवाजाही जारी रखी।

शर्तों के साथ सीजफायर पर सहमति

बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच इस संघर्ष की शुरुआत हुई थी, जिसके बाद मिडिल ईस्ट पर तनाव चरम पर बना हुआ था। एक तरफ अमेरिका और इजरायल के ताबड़तोड़ हमले जारी थी। इसके बाद भी ईरान झुका नहीं। न सिर्फ मजबूती से अमेरिका और इजरायल के हमलों का सामना किया, साथ ही साथ जोरदार पलटवार भी किया।  

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ट्रंप ने ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने के लिए 48 घंटों की डेडलाइन दी थी। ट्रंप की डेडलाइन पूरी होने से पहले ईरान और अमेरिका के बीच दो हफ्तों के लिए सीजफायर पर सहमति बन गई है। इसके बाद 28 फरवरी को अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग अब थमती नजर आ रही है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अस्थाई युद्ध विराम को लेकर कहा है कि आने वाले समय में यह मिडिल ईस्ट का 'स्वर्ण युग' साबित हो सकता है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका के सारे सैन्य लक्ष्य पूरे हो चुके हैं और अब ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलने के लिए भी तैयार है। विश्व शांति के लिए आज का दिन बहुत बड़ा है।

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Published By :
Ruchi Mehra
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