Donald Trump के दबाव के बावजूद ईरान हॉर्मुज स्ट्रेट पर काबिज, अमेरिका के लिए क्यों इतना मुश्किल है ये जलमार्ग पूरी तरह खोलना?
हॉर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने का मुद्दा सिर्फ एक समुद्री रास्ते का नहीं, बल्कि अमेरिका-ईरान के बीच सत्ता, अर्थव्यवस्था और सैन्य ताकत की परीक्षा बन चुका है। ट्रंप प्रशासन दबाव बना रहा है, ईरान विरोध कर रहा है और दोनों के बीच छोटी-मोटी झड़पें जारी हैं।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। यह ईरान और ओमान के बीच स्थित एक संकरा समुद्री रास्ता है। सामान्य समय में विश्व के कुल तेल उत्पादन का करीब 20 प्रतिशत इसी मार्ग से गुजरता है। अगर यह मार्ग बंद हो जाए या बाधित हो, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पिछले कई महीनों से ईरान पर दबाव बना रहे हैं ताकि यह जल मार्ग पूरी तरह खुल जाए। उन्होंने हवाई हमले, नौसैनिक नाकाबंदी, बातचीत और कड़ी धमकियों का इस्तेमाल किया है। ट्रंप के अनुसार, अमेरिका ने कुछ ही महीनों में ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी नुकसान पहुंचाया है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान के बंदरगाहों पर फिर से नाकाबंदी लगा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि जहाजों को सुरक्षित मार्ग के लिए शुल्क देना पड़ सकता है और दावा किया कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य खुला है और खुला रहेगा।
ईरान का दावा
दूसरी ओर, ईरान ने साफ कहा है कि वह किसी भी अमेरिकी हस्तक्षेप का विरोध करेगा और जलडमरूमध्य पर उसका नियंत्रण है। पिछले एक हफ्ते में दोनों पक्षों के बीच कई छोटी-मोटी झड़पें हुई हैं, जिनमें हवाई हमले और नौसैनिक कार्रवाइयां शामिल हैं। ये झड़पें कभी-कभी रुकती हैं तो कभी तेज हो जाती हैं, जिससे पूर्ण युद्ध का खतरा बना हुआ है।
Advertisement
अमेरिका के लिए क्यों है मुश्किल?
ईरान दशकों से इस तरह के संघर्ष के लिए तैयारी कर रहा था। उसकी रणनीति असममित युद्ध पर आधारित है, यानी छोटे-छोटे लेकिन प्रभावी हमले। इसमें ड्रोन और मिसाइलें छिपाकर रखना, समुद्र में खदानें बिछाना, रेडियो पर सिर्फ धमकी देकर भी जहाजों को डरा देना और अपने विशाल भूभाग का इस्तेमाल करना।
विशेषज्ञों का मानना है कि बिना जमीनी सैनिकों के इस जलडमरूमध्य को पूरी तरह सुरक्षित करना बहुत कठिन है। अमेरिकी नौसेना को लंबे समय तक बड़ी संख्या में जहाज तैनात करने पड़ेंगे, जिसमें जोखिम और नुकसान की संभावना बढ़ जाती है।
Advertisement
वैकल्पिक रास्ते का इस्तेमाल
अभी ज्यादातर व्यावसायिक जहाज पारंपरिक रास्ते से बच रहे हैं। वे ओमान के तट के साथ दक्षिणी रास्ते से गुजर रहे हैं, जहां अमेरिकी ड्रोन और विमान निगरानी रख रहे हैं। कुछ रास्तों पर खदान साफ करने का काम भी चल रहा है। ईरान ने जहाजों से शुल्क वसूलने की संभावना भी जताई है।
वैश्विक प्रभाव
शिपिंग बाधित होने से तेल की कीमतें बढ़ रही हैं। जिसका असर विश्व बाजार पर पड़ रहा है। अमेरिका में मध्यावधि चुनाव के नजरिए से ट्रंप प्रशासन के लिए यह एक बड़ी परीक्षा बन गई है। पूर्ण युद्ध छिड़ने की स्थिति में दोनों पक्षों को भारी नुकसान हो सकता है।
जानकारों का मानना है कि ईरान की तैयारी और उसकी भौगोलिक स्थिति के कारण अमेरिका के लिए यह जलडमरूमध्य पूरी तरह नियंत्रित करना आसान नहीं है। बिना बड़े पैमाने पर जमीनी तैनाती के यह चुनौती बनी रहेगी।