कोरोना का नया सब-वैरिएंट हुआ क्लासिफाइड, WHO ने बताया ये कितना खतरनाक?
JN.1 Variant: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने नए कोरोना वायरल वेरिएंट को क्लासिफाइड किया है। आइए जानते हैं कि ये वेरिएंट कितना खतरनाक है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 2 min read

WHO On JN.1 Variant: देशभर में लोगों के बीच एक बार फिर कोरोना वायरस का खौफ बढ़ने लगा है। कोरोना वायरस के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 (JN.1) के मिलने के बाद से हर कोई जानना चाहता है कि आखिर ये कोरोना वैरिएंट बाकि वैरिएंट्स के मुकाबले कितना खतरनाक है। नए सब-वैरिएंट की खबर के बाद अब विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस लेकर कुछ जानकारी दी है।
स्टोरी में आगे पढ़ें…
- जेएन.1 वैरिएंट पर डब्ल्यूएचओ ने कहा
- 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में किया क्लासिफाइड
- भारत में भी मिल चुका है मामला
डब्ल्यूएचओ ने कोरोना वायरस के नए सब-वैरिएंट जेएन.1 को 'वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट' के रूप में क्लासिफाइड किया है हालांकि उनका कहना है कि इससे सार्वजनिक स्वास्थ्य को ज्यादा खतरा नहीं है। वहीं, जेएन.1 को पहले इसके मूल वंश BA.2.86 के एक हिस्से के रूप में वैरिएंट ऑफ इंटरेस्ट के तौर पर क्लासिफाइड किया गया था।
डब्ल्यूएचओ ने कहा, ''मौजूदा साक्ष्यों के अनुसार जेएन.1 से पैदा हुए अतिरिक्त वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य जोखिम को वर्तमान में कम माना गया है." साथ ही डबल्यूएचओ ने कहा कि मौजूदा टीके जेएन.1 और कोविड-19 वायरस के अन्य सर्कुलेटिंग वैरिएंट्स से होने वाली गंभीर बीमारी और मौत के जोखिम से रक्षा करते हैं. डब्ल्यूएचओ लगातार इनके साक्ष्यों की निगरानी कर रहा है और जरूरत पड़ने पर JN.1 जोखिम मूल्यांकन को अपडेट करेगा।"
Advertisement
भारत में मिल चुका है जेएन.1 का मामला
भारत में 8 दिसंबर को जेएन.1 वैरिएंट से केरल में एक 79 वर्षीय महिला संक्रमित हुई थी. इसी के साथ भारत में कोरोना वायरस के इस नए वैरिएंट का ये पहला मामला था। इस मामले के सामने आने पर केरल समेत सभी पड़ोसी राज्यों को अलर्ट मोड पर रहने का अलर्ट जारी कर दिया गया था। जिसके बाद 18 दिसंबर को केंद्र सरकार ने कोरोना की स्थिति पर निगरानी रखने और अलर्ट रहने से संबंधित सलाह राज्यों के लिए जारी की थी।