अपडेटेड 4 January 2026 at 12:25 IST
Nicolas Maduro की गिरफ्तारी के बाद अब Venezuela में क्या होगा? 5 सबसे अहम सवाल
अमेरिकी सेना ने वेनेजुएला पर बड़े हमले कर राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर न्यूयॉर्क ली गई। ट्रंप ने घोषणा की है कि अब अमेरिका वेनेजुएला चला रहा है और तेल संसाधनों पर नियंत्रण लेगा। यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानून, क्षेत्रीय स्थिरता और अमेरिकी नीति पर बड़े सवाल उठाती है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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3 जनवरी, 2026 को वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को गिरफ्तार कर अमेरिकी सेना अपने देश ले आई। इस घटना के बाद काराकास में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं और मुख्य सैन्य ठिकाने फोर्ट तिउना से धुआं उठता देखा गया। मादुरो पर अमेरिका में ड्रग तस्करी के आरोप हैं और उन्हें उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस के साथ न्यूयॉर्क ले जाया गया है जहां मुकदमा चलेगा।
यह कार्रवाई अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही नीति का हिस्सा है, जिसमें 2024 के विवादित चुनाव के बाद मादुरो को अवैध नेता माना गया। विपक्षी नेता एडमंडो गोंजालेज को अमेरिका ने चुनाव जीतने की मान्यता दी, लेकिन मादुरो सत्ता में बने रहे। अब इस घटना ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं।
वेनेजुएला पर अब किसका नियंत्रण है?
अमेरिकी सेना द्वारा राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की गिरफ्तारी के बाद देश के सुप्रीम ट्रिब्यूनल ऑफ जस्टिस ने उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज (Delcy Rodriguez) को कार्यवाहक राष्ट्रपति के लिए नियुक्त किया है। कोर्ट ने उन्हें सभी राष्ट्रपति अधिकारों का प्रयोग करने का आदेश दिया है।
एक महीने बाद कौन सत्ता में होगा?
ट्रंप ने स्पष्ट कहा कि अमेरिका अब वेनेजुएला चला रहा है और तेल उत्पादन पर नियंत्रण लेगा। उन्होंने विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो या एडमंडो गोंजालेज को समर्थन नहीं दिया। रोड्रिगेज ने मादुरो को ही राष्ट्रपति बताया। इस लिहाज से वेनेजुएला का भविष्य अनिश्चित है, लेकिन अमेरिका तेल संसाधनों को बेचने की योजना बना रहा है।
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क्या अमेरिका सरकार बदल सकता है?
अंतर्राष्ट्रीय कानून के तहत, संयुक्त राज्य अमेरिका के पास किसी भी देश के कार्यकारी राष्ट्राध्यक्ष को पद से हटाने करने का अधिकार नहीं है। मादुरो को गिरफ्तार करना अक्टूबर 1945 संयुक्त राष्ट्र चार्टर का स्पष्ट उल्लंघन है। समझौते का एक केंद्रीय प्रावधान अनुच्छेद 2(4) है, जो कहता है कि राज्यों को अन्य देशों के खिलाफ सैन्य बल का प्रयोग करने से परहेज करना चाहिए।
वर्तमान घटनाक्रम से लगता है कि अगर अमेरिका राष्ट्रपति को गिरफ्तार कर सकता है, तो सरकार भी बदल सकता है। ट्रंप ने कहा कि वे सैनिकों का उपयोग करने से नहीं डरते। यह 1989 की पनामा कार्रवाई जैसा है। अमेरिका ने पनामा में 'ऑपरेशन जस्ट कॉज' चलाकर वहां की सरकार बदल दी थी। पनामा के शासक जनरल मैनुअल नोरिएगा को सत्ता से हटाकर आक्रमण के कुछ ही घंटों के भीतर, गुइलेर्मो एंडारा (Guillermo Endara) को पनामा के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ दिलाई गई थी। एंडारा ने मई 1989 का चुनाव जीता था, लेकिन नोरिएगा ने उन परिणामों को रद्द कर दिया था।
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वेनेजुएला के लोग क्या करेंगे?
जहां एक ओर मादुरो शासन के विरोधी सड़कों पर जश्न मना रहे हैं, वहीं दूसरी ओर कई लोग भविष्य को लेकर डरे हुए हैं। डेल्सी रॉड्रिगेज ने मादुरो को ही एकमात्र राष्ट्रपति बताते हुए उनकी रिहाई की मांग की है, जिससे आंतरिक संघर्ष की संभावना बनी हुई है। कुल मिलाकर, वेनेजुएला के लोग अब एक विदेशी हस्तक्षेप के बाद सत्ता के पुनर्गठन और अपनी चरमराती अर्थव्यवस्था को संभालने की बड़ी चुनौती का सामना करेंगे। पिछले दशक में आर्थिक संकट से लोग पीड़ित हैं, लेकिन बड़े विद्रोह नहीं हुए।
रूस और चीन इसका कैसे उपयोग करेंगे?
अन्य देश और कुछ अमेरिकी सांसद भी इस कदम की आलोचना कर रहे हैं। वर्जीनिया से डेमोक्रेट सीनेटर मार्क वार्नर और अन्य लोगों ने इसका विरोध किया है। उनका कहना है कि अगर अमेरिका मादुरो को सत्ता से हटा सकता है, तो रूस, यूक्रेन के वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को क्यों नहीं हटा सकता? चीन ताइवान के राष्ट्रपति को क्यों नहीं पकड़ सकता? हम कह सकते हैं कि ये स्थितियां अलग हैं कि मादुरो पर अमेरिका में मुकदमा चला था, लेकिन अन्य लोग इस बात को नजरअंदाज कर देंगे।
हालांकि रूस और चीन ने अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की है। वास्तव में ऐसे ऑपरेशन करने की क्षमता कम देशों के पास है।
वेनेजुएला में आपातकाल घोषित
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 3 जनवरी को घोषणा की थी कि अमेरिकी सेना ने काराकास में बड़े पैमाने पर सैन्य कार्रवाई की, जिसमें मादुरो और उनकी पत्नी को गिरफ्तार कर अमेरिका ले जाया गया। मादुरो पर नार्को-टेररिज्म, कोकेन आयात और हथियार संबंधी आरोप लगे हैं। वे न्यूयॉर्क में मुकदमा का सामना करेंगे।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका फिलहाल वेनेजुएला को संभालेगा और रोड्रिगेज नई राष्ट्रपति के रूप में सहयोग करेंगी। हालांकि, रोड्रिगेज ने मादुरो को ही देश का एकमात्र वैध राष्ट्रपति बताया और अमेरिकी कार्रवाई की निंदा की। वेनेजुएला सरकार ने फिलहाल राष्ट्रीय आपातकाल घोषित किया है। विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो और एडमंडो गोंजालेज ने दावा किया कि 2024 चुनाव में वे जीते थे और सत्ता उन्हें मिलनी चाहिए।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 4 January 2026 at 12:25 IST