'हिज्बुल्लाह को अब हथियार छोड़ना होगा, लेबनानी सेना पूरे देश में...', अमेरिका ने इजरायल-लेबनान के समझौते का मसौदा किया जारी; जानें डील की बड़ी बात
वाशिंगटन में कई दिनों की गहन वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान ने इस शांति समझौते की रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए। अब अमेरिका ने इजरायल-लेबनान के समझौते का मसौदा भी जारी कर दिया है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में लंबे समय से जारी तनाव को कम करने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल सामने आई है। इजरायल सेना और हिज्बुल्लाह लड़ाकों के बीच चल रही जंग को खत्म करने के लिए कई दिनों कर तक बातचीत के बाद शुक्रवार को वाशिंगटन में इजरायल और लेबनान ने शांति समझौते की रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए। अमेरिका की मध्यस्थता में इजरायल और लेबनान के बीच ‘स्थायी शांति एवं सुरक्षा’ स्थापित करने के लिए एक फ्रेमवर्क समझौते की रूपरेखा तैयार की गई है।
शुक्रवार को वाशिंगटन में कई दिनों की गहन वार्ता के बाद इजरायल और लेबनान ने इस शांति समझौते की रूपरेखा पर हस्ताक्षर किए। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसकी औपचारिक घोषणा की। अमेरिकी विदेश विभाग ने समझौते का 14 पॉइंट मसौदा भी जारी कर दिया है। इसमें मुख्य रूप से संघर्ष विराम, हिजबुल्लाह द्वारा हमले रोकने और दक्षिणी लेबनान से हटने का प्रावधान शामिल है।
अमेरिका की मध्यस्थता से तैयार इस समझौते में सीजफायर यानी युद्धविराम का प्रावधान शामिल है।
जानें डील की बड़ी बात
- समझौते के प्रमुख बिंदु:लेबनानी सेना पूरे देश में अपना नियंत्रण स्थापित करेगी।
- हिज्बुल्लाह समेत सभी हथियारबंद समूहों को हथियार जमा करने और अपने ठिकाने हटाने होंगे।
- इन शर्तों के पूरा होने के बाद इजरायली सेना लेबनान के कब्जे वाले क्षेत्रों से चरणबद्ध तरीके से वापस हटेगी।
- इस प्रोसेस के हिस्सों की डिटेल एक सिक्योरिटी एनेक्स में दी जाएगी, जिसे यूनाइटेड स्टेट्स के पूरे सपोर्ट से बनाया गया है, जो इस फ्रेमवर्क को पूरा करेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने कह दी बड़ी बात
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने इसे शांति और स्थिरता की दिशा में पहला महत्वपूर्ण कदम बताया, लेकिन साथ ही चेतावनी दी कि आगे का रास्ता अभी भी चुनौतीपूर्ण रहेगा। इस समझौते का उद्देश्य दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी, लेबनानी सरकार की संप्रभुता बहाल करना और हिजबुल्लाह के निरस्त्रीकरण की प्रक्रिया शुरू करना है।
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लेबनान की राजदूत ने समझौते का किया स्वागत
अमेरिका में लेबनान की राजदूत नदा हमादेह ने इस पहल का स्वागत करते हुए शामिल नेताओं का आभार जताया। वहीं, अमेरिका में इजरायली राजदूत येचिएल लेटर ने इस समझौते को ऐतिहासिक कदम करार दिया।
यह समझौता इजरायल और हिजबुल्लाह के बीच चल रही लड़ाई को समाप्त करने की दिशा में पहला ठोस कदम माना जा रहा है। अमेरिकी मध्यस्थता में हुई इस वार्ता को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बड़ी उपलब्धि बताया जा रहा है।अभी यह देखना बाकी है कि दोनों पक्ष इस रूपरेखा को पूरी तरह लागू करने में कितनी जल्दी सफल होते हैं।