अपडेटेड 1 January 2026 at 12:37 IST
Iran Protest: ईरान में क्यों लग रहे हैं, मुल्लाओं देश छोड़ो के नारे? जानें विरोध में सड़कों पर उतरे जनसैलाब के पीछे की वजह
मुस्लिम देश ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई शहरों और कस्बों की सड़कों पर भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। आखिर इस प्रदर्शन के पीछे क्या है वजह आईए समझते हैं...
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मुस्लिम देश ईरान में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हो रहा है। कई शहरों और कस्बों की सड़कों पर भारी उथल-पुथल देखने को मिल रही है। लाखों की संख्या में लोग सड़कों पर उतर आए हैं। 'मुल्लाओं को ईरान छोड़ना होगा' और 'तानाशाही मुर्दाबाद' के नारे लगाए जा रहे हैं। आखिर इस प्रदर्शन के पीछे क्या है वजह आईए समझते हैं...
ईरान में तीन साल में सबसे बड़े विरोध प्रदर्शन सोमवार को शुरू हुए, जब देश की करेंसी अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर पर गिर गई और सेंट्रल बैंक के प्रमुख ने इस्तीफा दे दिया। सरकारी टीवी ने मोहम्मद रजा फर्जीन के इस्तीफे की खबर दी। रविवार को राष्ट्रीय मुद्रा ऐतिहासिक निचले स्तर पर गिर गई। इसके बाद व्यापारियों और दुकानदारों ने ईरान की अलग-अलग जगहों पर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
राजधानी देहरान में सड़कों पर उतरे लाखों व्यापारी
देश के व्यापारियों और दुकानदारों ने तेहरान के डाउनटाउन में सादी स्ट्रीट के साथ-साथ तेहरान के मुख्य ग्रैंड बाजार के पास शुश इलाके में भी रैली निकाली। राजधानी तेहरान से लेकर कई अन्य शहरों तक सड़कें प्रदर्शनकारियों से गूंज रही हैं। नारे लग रहे हैं - "मुल्लाओं को ईरान छोड़ना होगा", "तानाशाह मुर्दाबाद" और "न गाजा, न लेबनान, मेरी जान ईरान के लिए"। इस बार प्रदर्शनों की मुख्य वजह गहराता आर्थिक संकट है, जो आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को तबाह कर रहा है।
ईरान में विरोध प्रदर्शन के पीछे की वजह
रविवार को ईरान की राष्ट्रीय मुद्रा में अप्रत्याशित गिरावट उस समय दर्ज की गई जब ईरानी रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 1.42 मिलियन पर गिर गया, जो छह महीनों में मूल्य में 56% से ज्यादा की गिरावट थी। पहले से ही संघर्ष कर रही अर्थव्यवस्था और आबादी के लिए यह एक निर्णायक मोड़ था। गिरती मुद्रा के कारण महंगाई बहुत ज्यादा बढ़ गई है, पिछले साल इसी समय की तुलना में खाने-पीने की चीज की कीमतें औसतन 72% बढ़ गई हैं।
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पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर चलाए आंसू गैस
तेहरान में कुछ जगहों पर, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले भी दागे। सोमवार को शुरू हुए विरोध प्रदर्शन 2022 के बाद से सबसे बड़ा था, जब पुलिस हिरासत में 22 साल की महसा जीना अमीनी की मौत के बाद देश भर में प्रदर्शन हुए थे। उन्हें पुलिस ने कथित तौर पर हिजाब ठीक से न पहनने के आरोप में गिरफ्तार किया था। ईरान के सख्त सुरक्षा तंत्र के बावजूद लोग अब चुप बैठने को तैयारी नहीं। सड़कों पर उमड़ा जनसैलाब इसका गवाह है।
मौलवी शासन को खत्म करने की मांग वाले नारे सालों से दबे हुए गुस्से का मिला-जुला नतीजा है। लोगों में वर्तमान सरकार के खिलाफ आक्रोश है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 1 January 2026 at 12:33 IST