गलवान झड़प के बाद पहली बार चीन पहुंचे विदेश मंत्री एस जयशंकर, SCO बैठक में लेंगे हिस्सा, जिनपिंग को दिया PM मोदी का खास संदेश

विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन की आधिकारिक यात्रा पर मंगलवार को बीजिंग में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच सीमा विवाद पर भी चर्चा हुई।

S Jaishankar met Chinese President Xi Jinping
एस जयशंकर ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से की मुलाकात | Image: ANI

पांच साल के लंबे अंतराल के बाद भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर चीन की आधिकारिक यात्रा पर हैं। जयशंकर SCO बैठक में हिस्सा लेने चीन पहुंचे हैं। इस दौरे ने कूटनीतिक हलकों में नई हलचल पैदा कर दी है, खासकर तब जब गलवान झड़प के बाद भारत-चीन संबंध तनावपूर्ण दौर से गुजर रहे थे। अपनी यात्री पर जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की।

विदेश मंत्री एस जयशंकर अपनी चीन की यात्रा पर उपराष्ट्रपति हान झेंग से बीजिंग में मुलाकात की। वह मंगलवार को तियानजिन में SCO के विदेश मंत्रियों की बैठक में शामिल होंगे। साथ ही चीन के विदेश मंत्री वांग यी के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इससे बैठक पहले जयशंकर ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की और उन्हें प्रधानमंत्री मोदी का खास संदेश दिया।

जयशंकर ने की राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात 

एस जयशंकर ने इस मुलाकात की जानकारी सोशल मीडिया पर देते हुए तस्वीरों को शेयर कर X पोस्ट में लिखा, मंगलवार की सुबह बीजिंग में अपने साथी SCO विदेश मंत्रियों के साथ चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अभिवादन पहुंचाया। राष्ट्रपति शी को हमारे द्विपक्षीय संबंधों में हाल की प्रगति से अवगत कराया। इस संबंध में हमारे नेताओं के मार्गदर्शन को महत्व देते हैं।

सीमा पर तनाव कम करने पर चर्चा 

इस मुलाकात के दौरान दोनों देशों के बीच संबंध सुधारने और सीमा पर तनाव कम करने पर चर्चा हुई। सूत्रों के अनुसार, जयशंकर ने यह स्पष्ट कर दिया कि भारत द्विपक्षीय संबंधों को सामान्य बनाना चाहता है, लेकिन इसके लिए वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर यथास्थिति बहाल करना अनिवार्य है। 

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PM मोदी का दिया खास संदेश

इस मुलाकात के दौरान जयशंकर कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत वैश्विक स्थिरता और समरसता के लिए निरंतर प्रयासरत है। साथ ही उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया  कि भारत और चीन को संवाद के माध्यम से सभी विवादों को सुलझाने की आवश्यकता है। अब इस मुलाकात को दोनों देशों के बीच जमी बर्फ को पिघलाने की एक पहल के रूप में देखा जा रहा है।

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Published By:
 Rupam Kumari
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