अपडेटेड 7 January 2026 at 11:37 IST
'फ्री की सलाह ना दें, भारत वो ही करेगा, जो सीधा...', लक्जमबर्ग से विदेश मंत्री एस जयशंकर का दुनिया को साफ-साफ संदेश
अंतरराष्ट्रीय मामलों में कुछ देशों के दोहरे मापदंडों की कड़ी आलोचना करते हुए जयशंकर ने कहा, आज के समय में, देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा। वेनेजुएला संकट पर भी जयशंकर ने बड़ी बात कही है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर इन दिनों लक्जमबर्ग की आधिकारिक यात्रा पर हैं। दुनिया के कई देशों में जारी तनाव के बीच जयशंकर की लक्जमबर्ग की छह दिन की यात्रा बेहद अहम मानी जा रही है। इस यात्रा से भारत और यूरोप के संबंध और मजबूत होने की उम्मीद है। यात्रा के दूसरे दिन एक संवाद के दौरान, वेनेजुएला संकट, भारत की बढ़ती वैश्विक विश्वसनीयता और अंतरराष्ट्रीय मामलों में कुछ देशों के दोहरे मापदंडों में खुलकर बातचीत की।
एस जयशंकर ने कहा कि दुनिया का भारत पर विश्वास कई वर्षों के अनुभव से उपजा है, न कि अचानक पैदा हुआ। उन्होंने कोविड-19 महामारी का उदाहरण देते हुए बताया, "जब कोविड महामारी आई, तो हमारे लगभग सभी पड़ोसी देशों को भारत से ही पहला टीका मिला। श्रीलंका में चक्रवात, म्यांमार और अफगानिस्तान में भूकंप जैसी आपदाओं में भी भारत मदद के लिए सबसे आगे आया।
देश वही करेंगे जिससे सीधा फायदा होगा-जयशंकर
वहीं, अंतरराष्ट्रीय मामलों में कुछ देशों के दोहरे मापदंडों की कड़ी आलोचना करते हुए जयशंकर ने कहा, आज के समय में, देश वही करेंगे जिससे उन्हें सीधा फायदा होगा। वे आपको मुफ्त सलाह देंगे। अगर कुछ होता है, तो वे कहेंगे, कृपया ऐसा न करें। अगर तनाव होता है तो हमें चिंता होती है। कभी-कभी आप लोगों को यह कहते हुए सुनते हैं, जैसा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान हुआ था। "
दुनिया जो कहती है वो करती नहीं-जयशंकर
एस जयशंकर ने आगे कहा अब, “अगर आप उनसे पूछें, सच में, आपको चिंता है, तो आप अपने ही इलाके को क्यों नहीं देखते और खुद से पूछते कि वहां हिंसा का स्तर क्या है, कितना जोखिम उठाया गया है, आप जो कर रहे हैं उससे हम बाकी लोगों को कितनी चिंता है? लेकिन दुनिया का यही स्वभाव है। लोग जो कहते हैं, वह करते नहीं हैं। हमें इसे इसी भावना से स्वीकार करना होगा। ”
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वेनेजुएला संकट पर क्या बोले जयशंकर?
अमेरिका का वेनेजुएला पर एक्शन से जुड़े सवाल के जवाब में एस जयशंकर ने कहा, "मुझे लगता है कि हमने कल एक बयान जारी किया था, इसलिए मैं आपसे उसे देखने का आग्रह करूंगा। हम घटनाक्रम को लेकर चिंतित हैं, लेकिन हम इसमें शामिल सभी पक्षों से आग्रह करेंगे कि वे अब बैठकर ऐसी स्थिति पर पहुंचें जो वेनेजुएला के लोगों की भलाई और सुरक्षा के हित में हो क्योंकि आखिरकार हमारी चिंता यही है कि हम वेनेजुएला को एक ऐसे देश के रूप में देखना चाहते हैं जिसके साथ हमारे कई सालों से बहुत अच्छे संबंध रहे हैं। हम चाहते हैं कि लोग घटनाओं की जो भी दिशा हो, उससे सुरक्षित बाहर निकलें..."
इस यात्रा के दौरान जयशंकर ने लक्जमबर्ग के प्रधानमंत्री ल्यूक फ्रीडेन और उप प्रधानमंत्री जेवियर बेटेल से भी मुलाकात की, जहां वित्त, निवेश, फिनटेक, एआई और अंतरिक्ष जैसे क्षेत्रों में सहयोग पर चर्चा हुई। मंत्री ने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों में 2026 में मजबूती की उम्मीद जताई।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 7 January 2026 at 11:37 IST