ईरान को नहीं पाकिस्तान पर भरोसा! अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की कोशिश फेल, इस्लामाबाद में बैठक ठुकराई

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम कराने की पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय देशों की कोशिशें पूरी तरह फेल हो गई हैं। ईरान ने इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने से इनकार कर दिया और अमेरिका की मांगें खारिज करदी हैं।

Regional efforts to broker a ceasefire between the US and Iran fail
युद्धविराम की कोशिश फेल | Image: AP

अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम की उम्मीद बेहद कम हो गई है। खबरों के मुताबिक, युद्धविराम कराने के लिए पाकिस्तान समेत क्षेत्रीय देशों के नेतृत्व में किए जा रहे मध्यस्थता के प्रयास ठप पड़ गए हैं। पाकिस्तान समेत कई देशों ने अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध रोकने के लिए मध्यस्थता की कोशिश की थी। लेकिन ये प्रयास पूरी तरह असफल हो गए हैं।

ईरान ने मध्यस्थों को साफ बता दिया है कि वह पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में अमेरिकी अधिकारियों से मिलने को तैयार नहीं है। ईरान को अमेरिका की मांगे भी मंजूर नहीं हैं।
इसके बाद तुर्की और मिस्र जैसे देश अब बातचीत के लिए दूसरी जगह ढूंढ रहे हैं।

टाइम्स ऑफ इजराइल और वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, इस प्रयास में पाकिस्तान प्रमुख भूमिका निभा रहा था। ईरान की असहमति के बाद तुर्की और मिस्र अब वैकल्पिक स्थानों जैसे कतर या इस्तांबुल में बातचीत कराने का रास्ता तलाश रहे हैं। हालांकि, कतर ने अमेरिका और मध्य पूर्वी देशों के अनुरोध को ठुकरा दिया है और युद्धविराम वार्ता में मुख्य मध्यस्थ की भूमिका निभाने से इनकार कर दिया है।

ईरान ने मार गिराए अमेरिकी जहाज

यह युद्ध अब छठे हफ्ते में प्रवेश कर रहा है। अमेरिका और इजरायल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसका मकसद ईरान के परमाणु कार्यक्रम और मिसाइलों को नष्ट करना था। हाल ही में ईरान ने अमेरिका का एक F-15E फाइटर जेट गिरा दिया। इसमें दो पायलट थे, एक को बचा लिया गया है और दूसरे की तलाश जारी है। इसके अलावा अमेरिकी A-10 ‘Warthog’ विमान को भी ढेर कर दिया है।

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज विवाद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने साफ कहा है कि युद्धविराम के लिए ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) पर अपना नियंत्रण छोड़ना होगा। यह इलाका बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि दुनिया का लगभग 20% तेल यहां से गुजरता है। ईरान इस रणनीतिक जलमार्ग को अपने लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है और कुछ ही जहाजों को गुजरने दे रहा है। ट्रंप ने कहा, “थोड़ा और समय लगेगा तो हम आसानी से होर्मुज खोल सकते हैं, तेल ले सकते हैं और अच्छा मुनाफा कमा सकते हैं।”

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Published By :
Sagar Singh
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