अपडेटेड 20 March 2026 at 15:00 IST

ईरान ने कतर के LNG गैस प्लांट पर किया ताबड़तोड़ हमला, अटैक में भारी नुकसान... तो भारत की क्यों बढ़ेगी टेंशन?

Qatar LNG Capacity: कतर ने बताया कि ईरान के हमलों में उसकी 17% LNG निर्यात क्षमता प्रभावित हुई, जिसकी मरम्मत में पांच साल का समय तक लग सकता है। यह भारत के लिए बड़ी चिंता की बात है, क्योंकि वह अपनी 47% प्राकृतिक गैस कतर से आयात करता है।

Qatar LPG Capacity
ईरानी हमलों से कतर को नुकसान | Image: Republic

Qatar LNG: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग का खामियाजा पूरी दुनिया भुगत रही है। एक तरफ अमेरिका और इजरायल मिलकर ईरान पर ताबड़तोड़ हमले कर रहे हैं। तो दूसरी ओर ईरान भी पीछे हटने के मूड में नहीं। ईरान की ओर से लगातार खाड़ी देशों को निशाना बनाया जा रहा है, जिसका असली नुकसान कतर को हो रहा है।

ईरान ने बुधवार (18 मार्च) रात कतर के तेल और गैस प्रतिष्ठानों को निशाना बनाते हुए हमले किए। इन हमलों से कतर के रास लाफान LNG प्लांट पर हमले किए, जिससे यहां लिक्विफाइड नेचुरल गैस (LNG) निर्यात क्षमता का लगभग 17% हिस्सा ठप हो गया है।

ठीक करने में लगेंगे 5 साल

ईरान की मिसाइलों ने कतर के रास लफान इंडस्ट्रियल शहर में एनर्जी ट्रेन्‍स 4 और 6 को बुरी तरह से तबाह करके रख दिया है। दोनों ट्रेन्‍स से कतर सालाना 1.28 करोड़ टन गैस का उत्‍पादन करता था, जो उसकी कुल गैस उत्‍पादन का करीब 17 फीसदी हिस्‍सा है। उसे उसे इसे ठीक करने में पांच साल तक का समय लग सकता है।

इससे कतर को तो हर साल निर्यात में 20 अरब डॉलर का नुकसान सहना पड़ सकता है। साथ ही साथ इससे भारत की भी चिंताएं बढ़ गई है। भारत अपनी कुल जरूरत की लगभग 47% प्राकृतिक गैस कतर से ही आयात करता है।

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20 अरब डॉलर का नुकसान 

कतर एनर्जी के सीईओ और ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने ईरान के हमलों के बाद बड़ा बयान दिया। एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इन हमलों ने कतर की कुल LNG निर्यात क्षमता का करीब 17% पूरी तरह नष्ट कर दिया है, जिससे हर साल लगभग 20 अरब डॉलर का नुकसान उठाना पड़ेगा।

मंत्री साद शेरिदा अल-काबी ने बताया कि इसकी मरम्मत में पांच साल तक का समय लगेगा। इसका असर चीन, दक्षिण कोरिया, इटली और बेल्जियम पर पड़ेगा।  इसके चलते हमें दीर्घकालिक फोर्स मेज्योर (अप्रत्याशित घटना के कारण अनुबंध से मुक्ति) घोषित करना पड़ेगा।

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अल-काबी ने कहा कि मैंने कभी यह कल्पना भी नहीं की थी कि कतर और पूरा क्षेत्र इस तरह के हमले का शिकार होगा, वो भी रमजान के पवित्र महीने में। यह और भी चौंकाने वाली इसलिए भी है क्योंकि ऐसा हमला एक मुस्लिम देश ने किया है। उन्होंने कहा कि उत्पादन फिर से शुरू करने के लिए इस क्षेत्र में शत्रुता का समाप्त होना एक अनिवार्य शर्त है।

भारत पर पड़ेगा असर?

भारत के LNG आयात का लगभग आधा हिस्सा कतर से आता है। 2024 में, भारत ने लगभग 27.8 मिलियन मीट्रिक टन (एमएमटी) एलएनजी का आयात किया, जिसमें कतर ने 11.30 मिलियन मीट्रिक टन एलएनजी की आपूर्ति की, जिसकी कीमत 6.40 बिलियन अमेरिकी डॉलर थी। यह देश की कुल एलएनजी आयात का लगभग 47 प्रतिशत था।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 20 March 2026 at 14:58 IST