Video- PM मोदी को खुद प्लेन तक छोड़ने पहुंचे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, दोस्त की तरह दी विदाई, हाथ जोड़कर कहा- 'राम-राम...'

फ्रांस के प्राचीन शहर मार्सिले की ऐतिहासिक यात्रा खत्म होने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों एक विशेष भाव में प्लेन तक छोड़ने आए।

Special gesture President Emmanuel Macron came to see off PM Narendra modi at the airport
PM मोदी को खुद प्लेन तक छोड़ने पहुंचे राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों | Image: X/Narendramodi

PM Modi France Visit : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बुधवार को फ्रांस की अपनी दो दिवसीय यात्रा पूरी करने के बाद अमेरिका के लिए रवाना हो गए हैं। पीएम मोदी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात करेंगे। फ्रांस में प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एक्शन समिट’ की सह-अध्यक्षता की। मैक्रों के साथ उन्होंने द्विपक्षीय चर्चा भी की।

अमेरिका में, प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति ट्रंप के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। जनवरी में ट्रंप के अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति के रूप में शपथ लेने के बाद PM मोदी, ट्रंप से मिलने वाले चौथे विदेशी नेता होंगे। फ्रांस के प्राचीन शहर मार्सिले की ऐतिहासिक यात्रा खत्म होने के बाद राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों खुद PM मोदी को एयरपोर्ट पर प्लेन तक छोड़ने आए तो दोनों नेताओं के बीच बेहतर रिश्तों की तस्वीर सामने आई। मैक्रों और मोदी ने एक दूसरे को गर्मजोशी के साथ विदाई दी और इमैनुएल मैक्रों ने हाथ जोड़कर पीएम का अभिवादन किया। 

प्रोटोकॉल से हटकर विशेष सम्मान

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों का मार्सिले हवाई अड्डे पर आकर भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विदा करना सामान्य राजनयिक प्रोटोकॉल से हटकर एक विशेष सम्मान था। आमतौर पर किसी प्रधानमंत्री को विदा करने के लिए मेजबान देश के प्रधानमंत्री या विदेश मंत्री आते हैं, लेकिन राष्ट्रपति का खुद आना एक असाधारण सम्मान माना जाता है। यह दिखाता है कि फ्रांस-भारत के साथ अपने रिश्तों को विशेष महत्व देता है।

भारत-फ्रांस संबंधों की मजबूती

पीएम मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों के बीच व्यक्तिगत संबंध और आपसी समझ काफी मजबूत है। राष्ट्रपति मैक्रों का पीएम मोदी को प्लेन तक छोड़ने आना द्विपक्षीय संबंधों की गहराई को दर्शाती है, खासकर रणनीतिक सहयोग और रक्षा समझौतों के क्षेत्र में साझेदारी के संदर्भ में। अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में ऐसे इशारे दुर्लभ होते हैं, लेकिन जब होते हैं, तो यह दोनों देशों के मजबूत रिश्तों का प्रतीक बन जाते हैं।

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यह भारत और फ्रांस के बीच घनिष्ठ रणनीतिक साझेदारी और आपसी सम्मान को दर्शाता है। राष्ट्राध्यक्ष (जैसे राष्ट्रपति) आमतौर पर विदा करने की औपचारिकता में शामिल नहीं होते, क्योंकि उनकी व्यस्तताएं अधिक होती हैं। यह सम्मान सिर्फ बहुत करीबी सहयोगियों या ऐतिहासिक यात्राओं के दौरान दिया जाता है। यह दिखाता है कि फ्रांस भारत को एक महत्वपूर्ण वैश्विक साझेदार के रूप में देखता है। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों का पीएम मोदी को व्यक्तिगत रूप से हवाई अड्डे तक छोड़ने आना एक असाधारण सम्मान है। यह दोनों नेताओं की मजबूत दोस्ती और भारत-फ्रांस संबंधों के रणनीतिक महत्व को दर्शाता है। 

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Published By :
Sagar Singh
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