PM Modi-Irani President Meeting: युद्ध के बीच पहली बार PM मोदी और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान की बिश्केक में हुई मुलाकात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SEO) के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ मुलाकात की। इससे पहले सुबह पीएम मोदी ने अर्मेनिया के अपने समकक्ष निकोल पाशिन्यान के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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पश्चिम एशिया में भीषण संघर्ष के बीच किर्गिस्तान के शंघाई में SCO (शंघाई सहयोग संगठन) का 26वां शिखर सम्मेलन चल रहा है। आज सोमवार 31 अगस्त को किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में PM मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के बीच मुलाकात हुई। ईरान-अमेरिका युद्ध के बीच इस मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंघाई सहयोग संगठन (SEO) के 26वें शिखर सम्मेलन के दौरान ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान के साथ मुलाकात की। इससे पहले सुबह पीएम मोदी ने अर्मेनिया के अपने समकक्ष निकोल पाशिन्यान के साथ द्विपक्षीय बैठक भी की थी।
इस बैठक में दोनों नेताओं ने अर्थव्यवस्था, रक्षा, विज्ञान, फार्मा, इकोनॉमी, प्रौद्योगिकी, संस्कृति और शिक्षा समेत विभिन्न क्षेत्रों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय सहयोग को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। साथ ही पीएम मोदी और निकोल पाशिन्यान ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष पर भी चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि दोनों देशो के साथ द्विपक्षीय संबंधों को और मजबूत करने के लिए भारत अर्मेनिया के साथ मिलकर काम करेगा। पीएम मोदी ने अपने X हैंडल पर भी पोस्ट कर यह बताया कि अर्मेनिया के प्रधानमंत्री निकोल पाशिन्यान के साथ उनकी मुलाकात काफी अच्छी रही।
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बिश्केक रवाना होने से पहले ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियान ने जोर देकर कहा था कि ईरान युद्ध नहीं चाहता है लेकिन कोई आक्रमण करता है तो हम उसका पूरी शक्ति के साथ जवाब देंगे। उन्होंने पश्चिम एशिया में अस्थिरता को पूरे इलाके के लिए हानिकारक बताया। उन्होंने कहा कि पश्चिम एशिया में अस्थिरता के बीच SCO की बैठक काफी अहम है, क्योंकि इस क्षेत्र के बड़े नेता मौजूद रहेंगे। यह बैठक वैश्विक मंच पर स्वतंत्र आवाजों का प्रतीक मानी जाती है। ईरान राष्ट्रपति ने कहा कि हम एक ऐसे क्षेत्र में रहते हैं जिसका भाग्या, इतिहास और सभ्यता हजारों साल पुराना है। हम हमेशा एक-दूसरे के साथ संवाद और विकास के क्रम में बंधे रहे हैं।
ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध जारी है। कई दिनों तक मिडिल ईस्ट में मिसाइलों की आवाज नहीं गूंज रही थी। दोनों देशों के बीच सीजफायर के बाद छीटपुट हमले हुए थे। लेकिन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बना हुआ था। ईरान और अमेरिका के बीच जुबानी जंग चल रही थी। लेकिन एक बार फिर दोनों देशों के बीच हमलों का दौर शुरू हो गया। रविवार 30 अगस्त को अमेरिका ने ईरानी ठिकाने पर हमला किया। इसके बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई की। ईरान ने जार्डन में अमेरिकी बेस पर हमला किया।
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युद्ध के बीच शंघाई सहयोग संगठन का शिखर सम्मेलन काफी अहम है। क्योंकि इस शिखर सम्मेलन में विश्व के कई दिग्गज नेता जुट रहे हैं। इनमें भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, चीन के राषट्रपति शी जिनपिंग, रूस के राष्ट्रपति व्लादीमिर पुतिन और ईरान के राष्ट्रपति समूद पेजशकियान शामिल हैं। इन नेताओं की मुलाकात पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है।