Modi- Jinping Meeting: चीन में शी जिनपिंग से PM मोदी की मुलाकात, ट्रेड और द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने पर हुई बातचीत

PM Modi China Visit: शी जिनपिंग से मुलाकात के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन के सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का रास्ता भी खुलेगा।

PM Modi- Xi Jinping Meeting
PM Modi- Xi Jinping Meeting | Image: X- ANI

PM Modi- Xi Jinping Meeting: 7 साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन के दौरे पर हैं। उनकी इस यात्रा पर पूरी दुनिया की निगाहें टिकी हैं। प्रधानमंत्री मोदी शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में शामिल होने तियानजिन पहुंचे हैं। इस बीच उनकी चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ मुलाकात भी हुई। दोनों नेताओं के बीच करीब 40 मिनट तक द्विपक्षीय बैठक चली। 

SCO समिट से पहले पीएम मोदी और शी जिनपिंग के साथ ये द्विपक्षीय बैठक की। अमेरिका के साथ जारी टैरिफ वॉर के बीच दोनों दिग्गज नेताओं की मुलाकात को बेहद अहम मानी जा रही है।

बैठक में क्या बोले पीएम मोदी?

द्विपक्षीय बैठक में पीएम मोदी ने गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग को धन्यवाद अदा किया। उन्होंने कहा, “पिछले साल कजान में हमारी बहुत ही उपयोगी चर्चा हुई, जिससे हमारे संबंधों को सकारात्मक दिशा मिली। सीमा पर सैनिकों की वापसी के बाद शांति और स्थिरता का माहौल बना है। सीमा प्रबंधन को लेकर हमारे विशेष प्रतिनिधियों के बीच समझौता हो गया है। कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू हो गई है। दोनों देशों के बीच सीधी उड़ानें भी बहाल हो रही हैं।”

पीएम मोदी ने कहा कि भारत और चीन के सहयोग से दोनों देशों के 2.8 अरब लोगों के हित जुड़े हैं। इससे पूरी मानवता के कल्याण का रास्ता भी खुलेगा। हम आपसी विश्वास, सम्मान और संवेदनशीलता के आधार पर अपने संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।"

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पुतिन भी पहुंचे चीन

SCO समिट में शामिल होने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भी चीन पहुंच गए हैं। ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच चीन में होने जा रही ये SCO समिट कई मायनों में खास मानी जा रही है। जानकारों का मानना है कि ट्रंप खुद भारत, चीन और रूस को एक टेबल पर आने के लिए मजबूर कर रहे हैं। उनके आक्रामक रवैये की वजह से ही दुनिया के ज्यादातर देश अब अपने व्यापार और बाकी चीजों के लिए दूसरे विकल्प तलाशने लगे हैं। अगर ऐसा होता है तो अमेरिका को साइडलाइन किया जा सकता है। 

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Published By :
Ruchi Mehra
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