G7 Summit: 'कई भारतीयों की भी गई जान और...', PM मोदी ने G7 समिट में ट्रंप के सामने उठाया नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पीएम मोदी ने G7 समिट में नाविकों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। PM मोदी ने अपने भाषण में ओमान तट पर एक जहाज पर अमेरिकी सेना के हमले में मारे गए भारतीय नाविकों का भी जिक्र किया।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
- 3 min read

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस के एवियन में चल रहे जी7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit) में ओमान के पास अमेरिकी हमले में मारे गए भारतीय नाविकों का मुद्दा जोरदार तरीके से उठाया। पीएम मोदी ने अमेरिकी सेना के हमले में मारे गए भारतीय नाविकों की दुखद मौत पर चिंता जताई। G7 समिट के आउटरीच सेशन में जब पीएम मोदी अपना भाषण दे रहे थे, तो अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप उनके बगल में बैठे थे।
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की मौजूदगी में पीएम मोदी ने नाविकों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में अस्थिरता से होने वाले भारी मानवीय और आर्थिक नुकसान का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय समुद्री व्यापार मार्गों की सुरक्षा पर जोर दिया ईरान-अमेरिका शांति समझौता पर पीएम मोदी ने कहा, "हम पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों में हुई प्रगति का स्वागत करते हैं।"
कई भारतीयों को जान गंवानी पड़ी- PM मोदी
नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से कायम करना विषय पर बोलते हुए पीएम मोदी ने कहा, मिडिल ईस्ट संघर्ष के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में समुद्री व्यापार में रुकावट से वैश्विक अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा है। समुद्री व्यापार में रुकावटों ने वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बुरा असर डाला है। मोदी ने यह भी कहा कि मध्य पूर्व संघर्ष में कई भारतीयों को जान गंवानी पड़ी है।
पीएम मोदी ने नाविकों की सुरक्षा पर क्या कहा?
पीएम मोदी ने समिट में ओमान के पास अमेरिकी हमले में भारतीय नाविकों की मौत का मुद्दा उठाया है। ट्रंप की मौजूदगी में पीएम मोदी ने वैश्विक नौवहन और नाविकों की सुरक्षा को मजबूत करने पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने जोर देकर कहा, "समुद्री यात्रियों की सुरक्षा, जो वैश्विक समुद्री व्यापार के जरिए सभी देशों को जोड़ते हैं, हमारी जिम्मेदारी है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि समुद्री रास्ते सुरक्षित रहें और समुद्री यात्री बिना किसी डर के अपना काम कर सकें।"
Advertisement
अमेरिकी सेना के हमले में गई थी भारतीय नाविकों की जान
जी7 शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री मोदी ने इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंच पर उठाकर वैश्विक समुद्री सुरक्षा पर ध्यान केंद्रित करने की कोशिश की। पीएम मोदी जिस हमले का जिक्र किया वो ओमान की खाड़ी में एक समुद्री जहाज की है, जिसमें अमेरिकी सेना द्वारा पलाऊ के झंडे वाले तेल टैंकर 'सेटेबेलो' (Settebello) को निशाना बनाए जाने के बाद तीन भारतीय नागरिकों की मौत हो गई थी।
जहाज पर कई देशों के क्रू मेंबर थे सवार
इस जहाज पर 28 लोगों का क्रू था, जिसमें 24 भारतीय, दो पाकिस्तानी, एक यूक्रेनी और एक रूसी शामिल थे। ईरान से तेल ले जाते समय अमेरिकी नाकेबंदी के कथित उल्लंघन के कारण अमेरिकी सेना ने इसे रोका और इस पर हमला किया। 'सेटेबेलो' उन तीन व्यापारिक जहाजों में से एक है, जिनके भारतीय क्रू सदस्य हाल ही में क्षेत्रीय समुद्री घटनाओं में फंसे हैं।
Advertisement
पीएम मोदी ने G7 समिट में आपसी भरोसे पर जोर दिया
अपने संबोधन के दौरान, पीएम मोदी ने यह भी कहा कि सबसे महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति कोई खनिज, तकनीक या बाजार नहीं, बल्कि आपसी भरोसा है। लेकिन दशकों में और कई पीढ़ियों के योगदान से बना भरोसा आज कमजोर हो रहा है। कोविड ने हमें दिखाया है कि भरोसे और एकजुटता के दावे कितने खोखले थे। आज दुनिया संसाधनों की कमी से नहीं, बल्कि भरोसे की कमी से जूझ रही है। यह देखते हुए कि साझेदारियों का भविष्य इसी भरोसे को बनाने पर निर्भर करता है, पीएम मोदी ने अमेरिकी राष्ट्रपति रोनाल्ड रीगन के उस कथन का जिक्र किया - "भरोसा करें लेकिन पुष्टि करें।"