अपडेटेड 22 March 2026 at 11:02 IST
Hormuz Crisis: माइंस बिछाना, मिसाइल हमला करना, तुरंत बंद करें, वरना.., होर्मुज संकट पर एकजुट हुए 22 देश, ईरान को धमकी देते हुए की ये अपील
होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है। अब 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान को वॉर्निंग देते हुए बड़ी अपील की है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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मिडिल ईस्ट में जारी तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से दुनिया भर के देशों में तेल और गैस संकट गहराता ही जा रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान द्वारा हमलों के कारण वैश्विक क्रूड ऑयल और गैस की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही है। साथ ही तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। अब इस संकट को लेकर 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी किया है और ईरान को वॉर्निंग देते हुए बड़ी अपील की है।
दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट के लगभग बंद होने से तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर गहरा असर पड़ रहा है। अब जर्मनी, जापान, ऑस्ट्रेलिया समेत 22 देशों ने संयुक्त बयान जारी कर ईरान से तत्काल हमले रोकने और होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोलने की अपील की है।
इन देशों ने जारी किया जॉइंट स्टेटमेंट
यूनाइटेड अरब अमीरात, यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड्स, जापान, कनाडा, रिपब्लिक ऑफ कोरिया, न्यूज़ीलैंड, डेनमार्क, लातविया, स्लोवेनिया, एस्टोनिया, नॉर्वे, स्वीडन, फिनलैंड, चेकिया, रोमानिया, बहरीन, लिथुआनिया और ऑस्ट्रेलिया के नेताओं का होर्मुज स्ट्रेट पर जॉइंट स्टेटमेंट आया है।
होर्मुज को लेकर ईरान से अपील
जॉइंट स्टेटमेंट में कहा गया है, "हम खाड़ी में बिना हथियार वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हालिया हमलों, तेल और गैस इंस्टॉलेशन समेत सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमलों, और ईरानी सेना द्वारा होर्मुज स्ट्रेट को असल में बंद करने की कड़ी निंदा करते हैं। हम इस युद्ध पर अपनी गहरी चिंता जाहिर करते हैं। हम ईरान से अपील करते हैं कि वह अपनी धमकियों, माइंस बिछाने, ड्रोन और मिसाइल हमलों, और कमर्शियल शिपिंग के लिए स्ट्रेट को रोकने की दूसरी कोशिशों को तुरंत बंद करे, और UN सिक्योरिटी काउंसिल रेजोल्यूशन 2817 का पालन करे।"
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वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता
बता दें होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल व्यापार का मार्ग है, जहां से प्रतिदिन लाखों बैरल क्रूड ऑयल गुजरता है। ईरान द्वारा माइंस बिछाने, ड्रोन-मिसाइल हमलों और अन्य तरीकों से जहाजों को निशाना बनाने के कारण जहाजों का आवागमन 97 प्रतिशत तक घट गया है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता फैल गई है।
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Published By : Rupam Kumari
पब्लिश्ड 22 March 2026 at 11:02 IST