‘नेतन्याहू को मौत की सजा दो...', ईरान सुप्रीमो अयातुल्लाह खामेनेई की मांग से दुनियाभर में सनसनी
ईरान सुप्रीमो अयातुल्लाह खामेनेई ने ICC के अरेस्ट वारंट पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि नेतन्याहू को मौत की सजा दो।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने कहा कि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के लिए गिरफ्तारी वारंट पर्याप्त नहीं है। ईरान सुप्रीम ने इजरायली प्रधानमंत्री के लिए फांसी की सजा की मांग की। बता दें, हाल ही में इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट ने इजरायल के प्रधानमंत्री समेत कुछ लोगों के खिलाफ अरेस्ट वारंट जारी किया था। इसे लेकर ही ईरान सुप्रीम की ये टिप्पणी सामने आई है।
अयातुल्ला अली खामेनेई ने सोमवार को एक कार्यक्रम के दौरान यह टिप्पणी की, जिसमें उन्होंने ईरान के अर्धसैनिक क्रांतिकारी गार्ड की पूरी तरह से स्वयंसेवी शाखा बासिज के सदस्यों से बात की। खामेनेई ने सोमवार को कहा, "उन्होंने (इजरायलियों ने) जो किया वह जीत नहीं है, यह एक युद्ध अपराध है। उनके (नेतन्याहू) गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है, नेतन्याहू के लिए फांसी की सजा (जारी की जानी चाहिए)।"
इजरायल के पीएम और पूर्व रक्षामंत्री के खिलाफ वारंट
ICC ने गुरुवार को इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू, उनके पूर्व रक्षा मंत्री और हमास के सैन्य प्रमुख के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया, जिसमें उन पर गाजा में 13 महीने के युद्ध के संबंध में मानवता के खिलाफ अपराध का आरोप लगाया गया। पीएम नेतन्याहू और अन्य लोग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वांटेड हैं। कोर्ट के इस फैसले के बाद गाजा में 13 महीने से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए संघर्ष विराम पर बातचीत करने के प्रयासों में और मुश्किल आने की संभावना है। ICC के प्री-ट्रायल चैंबर-I के तीन न्यायाधीशों ने सर्वसम्मति से वारंट जारी किया हैं। मामले में कोर्ट के अभियोक्ता करीम खान का आरोप है कि मानवता विरोधी अपराध गाजा में हमास के खिलाफ इस समय जारी युद्ध के अभियोजन के दौरान किए गए थे। बता दें, पीएम नेतन्याहू और गैलेंट दोनों की गिरफ्तारी ICC के पक्षकार 120 से अधिक देशों में कहीं भी यात्रा करने परहो सकती है।
अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडेन ने भी की निंदा
पीएम नेतन्याहू और अन्य इजरायली नेताओं ने आईसीसी के मुख्य अभियोजक करीम खान के वारंट के अनुरोध की निंदा की। उन्होंने इसे अपमानजनक और यहूदी विरोधी बताया। वहीं दूसरी ओर अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने भी इसकी आलोचना की और हमास के खिलाफ खुद का बचाव करने के इजरायल के अधिकार के लिए समर्थन व्यक्त किया। इजरायल के पूर्व प्रधानमंत्री नफ्ताली बेनेट ने ICC की आलोचना करते हुए कहा, "ICC के गिरफ्तारी वारंट इजरायल के नेताओं के लिए नहीं बल्कि ICC और उसके सदस्यों के लिए शर्म की बात है। 7 अक्टूबर को हमास ने इजरायल पर क्रूर हमला किया, 1200 से ज्यादा इजरायलियों की हत्या की, उन्हें जिंदा जला दिया और उनके साथ बलात्कार किया।"
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उन्होंने कहा कि इजरायल बुराई के खिलाफ सबसे न्यायपूर्ण युद्ध लड़ रहा है। सभी इजरायली, वामपंथी और दक्षिणपंथी, उस युद्ध के पीछे खड़े हैं, जिसका लक्ष्य अगवा किए गए इजरायलियों को रिहा करना, हमास को नष्ट करना और इजरायल में सुरक्षा बहाल करना है। ICC पर शर्म आती है।
हमास ने भी की ICC के फैसले की आलोचना
वहीं आतंकी संगठन हमास ने भी ICC के इस फैसले की निंदा की। दरअसल, कोर्ट ने 7 अक्टूबर, 2023 को हुए नरसंहार के लिए हमास आतंकवादी समूह के मोहम्मद डेफ के लिए भी वारंट जारी किया, जिसने युद्ध को जन्म दिया। इजरायल का कहना है कि उसने हवाई हमले में डेफ को मार गिराया, लेकिन हमास ने कभी भी अपने सैन्य विंग के प्रमुख की मौत को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया।