अपडेटेड 15 March 2026 at 08:34 IST
US-Iran war: भारत के लिए होर्मुज स्ट्रेट खुला है या नहीं? दुनिया में तेल की किल्लत के बीच ईरान ने किया साफ, ट्रंप को फिर आएगा गुस्सा
US-Iran War: स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर जारी तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा है कि इसे सभी देशों के लिए बंद नहीं किया गया है। उन्होंने बताया कि किसके लिए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है और किसके लिए इसे बंद किया गया है?
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Strait of Hormuz: अमेरिका-इजरायल और ईरान में जारी जंग के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर तनाव लगातार बना हुआ है। इस बीच ईरान ने बताया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किसके लिए खुला और किसके लिए बंद है। ईरानी विदेश मंत्री सईद अब्बास अराघची ने कहा है कि इसे सभी देशों के लिए बंद नहीं किया गया है। इसे केवल हमारे दुश्मनों के लिए बंद किया गया है।
‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है, लेकिन…’
एक इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला है, लेकिन जो देश ईरान पर हमला कर रहे हैं या उसके दुश्मन हैं, उनके लिए इस रास्ते से जहाजों को गुजरने नहीं दिया जाएगा। बाकी देशों के यहां से सामान्य रूप से जहाज जा सकते हैं।
ईरानी विदेश मंत्री ने यह बयान ऐसे समय पर दिया है, जब सैकड़ों जहाज फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के बीच संकरे समुद्री मार्ग में फंसे हैं। इनमें कई भारतीय जहाज भी शामिल हैं। अराघची ने कहा कि यह मार्ग "सुरक्षा चिंताओं" की वजह से बंद है। उनके मुताबिक यह फैसला जहाज कंपनियों का है, इसका ईरान से सीधा संबंध नहीं है।
ट्रंप ने चीन और UK से की युद्धपोत भेजने की अपील
इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया की प्रमुख शक्तियों से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अपने नौसैनिक जहाज तैनात करने की अपील की। उन्होंने कहा कि कई देश, खासकर वे जो ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की कोशिश से प्रभावित हैं, वह अमेरिका के साथ मिलकर, इस जलडमरूमध्य को खुला और सुरक्षित रखने के लिए युद्धपोत भेजेंगे।
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उन्होंने दावा किया कि हमने ईरान की 100% सैन्य क्षमता को पहले ही नष्ट कर दिया है, लेकिन उनके लिए एक-दो ड्रोन भेजना, कोई माइन गिराना, या इस जलमार्ग के आस-पास या इसके अंदर कहीं भी कम दूरी की मिसाइल दागना आसान है... भले ही वे कितनी भी बुरी तरह हार चुके हों।
होर्मुज को खुला, सुरक्षित और आजाद करवा लेंगे- ट्रंप
ट्रंप ने उम्मीद जताई कि चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया, UK और अन्य देश, जो इस बनावटी रुकावट से प्रभावित हैं, वह इस इलाके में अपने जहाज भेजेंगे, जिससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज किसी भी देश के लिए खतरा न बने। उन्होंने कहा कि किसी भी तरह से, हम जल्द ही स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खुला, सुरक्षित और आजाद करवा लेंगे।
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Published By : Ruchi Mehra
पब्लिश्ड 15 March 2026 at 08:34 IST