अपडेटेड 2 March 2026 at 19:16 IST

Ali Khamenei: 45 साल पहले जब हमले में बाल-बाल बच गए खामेनेई, दाहिना हाथ हुआ लकवाग्रस्त... कब-कब हुआ ईरान के सुप्रीम लीडर पर हमला?

आयतुल्लाह अली खामेनेई पर कई हत्या के प्रयास हुए। खामेनेई का जीवन संघर्ष, सत्ता और विरोध का प्रतीक रहा। 1981 की कोशिशों से उन्होंने ईरान के शासन को मजबूत किया, लेकिन 2026 का हमला उनके युग का अंत साबित हुआ।

Iran Supreme Leader Ali Khamenei has been assassinated multiple times
कई बार हुई अली खामेनेई को मारने की कोशिश | Image: AP

ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अपने राजनीतिक जीवन में कई बार मौत के मुंह से वापसी की, लेकिन आखिरकार इजरायल के हमले में उनकी मौत हो गई। उन्होंने 1989 से 2026 तक ईरान के सर्वोच्च नेता के रूप में 36 से अधिक सालों तक शासन किया। उनके खिलाफ कई हत्या की कोशिशें हुईं, लेकिन अंतिम हमला घातक साबित हुआ।

ईरान की इस्लामी क्रांति के शुरुआती दिनों में खामेनेई राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार थे। 27 जून, 1981 को जब अली खामेनेई तेहरान की अबूजर मस्जिद में नमाज के बाद भाषण दे रहे थे, तो उनके सामने रखे टेप रिकॉर्डर में छिपा बम फट गया।

इस विस्फोट से खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए। उनके दाहिने हाथ को स्थायी रूप से नुकसान पहुंचा और वह हमेशा के लिए लकवाग्रस्त हो गया। उनकी वोकल कॉर्ड्स और फेफड़ों को भी चोट लगी। कई महीनों तक अस्पताल में इलाज चला। इस घटना ने उनके जीवन को बदल दिया, और उन्होंने बाद में कहा कि "मुझे इस हाथ की जरूरत नहीं, बस दिमाग और जीभ काम करे तो काफी है।" यह हमला ईरान में 1981 की कई हत्याओं और बम विस्फोटों की श्रृंखला का हिस्सा था।

1981: IRP मुख्यालय में धमाका

अबूजर मस्जिद में खामेनेई पर हुए हमले के ठीक एक दिन बाद, इस्लामिक रिपब्लिकन पार्टी (IRP) के मुख्यालय में एक बड़ा बम विस्फोट हुआ। इस हमले में ईरान के कई शीर्ष नेता मारे गए, जैसे राष्ट्रपति मोहम्मद अली राजाई और प्रधानमंत्री मोहम्मद जवाद बहोनर। हालांकि इस हमले में खामेनेई खुद मौजूद नहीं थे, लेकिन यह 1981 की उस हिंसक लहर का हिस्सा था जिसमें क्रांतिकारी नेताओं को निशाना बनाया गया। पीपुल्स मुजाहिदीन ऑर्गेनाइजेशन ऑफ ईरान (MEK) को इस घटना के लिए जिम्मेदार ठहराया गया।

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15 मार्च 1985: तेहरान यूनिवर्सिटी में धमाका

नमाज के दौरान एक सुसाइड बम हमलावर ने तेहरान यूनिवर्सिटी में विस्फोट किया। खामेनेई विस्फोट के समय यूनिवर्सिटी मौजूद थे, लेकिन वे सुरक्षित बच गए। हमले में कई लोग घायल हुए।

28 फरवरी 2026: अंतिम हमला और मौत

ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच इजरायल ने तेहरान में ताबड़तोड़ मिसाइल हमले किए। इन हमलों का लक्ष्य ईरान के उच्च पदाधिकारी थे। खामेनेई इन हमलों में मारे गए। ईरानी राज्य मीडिया ने उनकी मौत की पुष्टि की। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी ट्रुथ सोशल पर इसकी घोषणा की और इसे इतिहास के सबसे बुरे लोगों में से एक की मौत बताया। ईरान ने 40 दिनों का राष्ट्रीय शोक घोषित किया। खामेनेई की उम्र 86 साल थी।  

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यह हमला 2026 के अमेरिकी-इजरायली संयुक्त अभियान का हिस्सा था, जिसने ईरान के शासन को गहरा झटका दिया। खामेनेई 1981 के हमले से बच गए थे, लेकिन 2026 में मौत ने उन्हें आखिरकार पकड़ लिया। दोनों घटनाएं शनिवार को हुईं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 2 March 2026 at 19:15 IST