अपडेटेड 27 March 2026 at 08:28 IST

ट्रंप का दावा फिर फर्जी? ईरान ने ऊर्जा सुविधाओं पर हमले रोकने के अनुरोध से किया इनकार, शांति वार्ता की कहानी का किया खंडन

Donald Trump ने दावा किया कि ईरान के साथ बातचीत बहुत अच्छी चल रही है और ईरान के अनुरोध पर उसके ऊर्जा प्लांट पर हमले 10 दिन के लिए रोक दिए गए हैं। ईरान ने इसे पूरी तरह फर्जी बताया और कहा कि कोई बातचीत नहीं हुई, न ही हमले रोकने का कोई अनुरोध किया गया।

Iran said We did not ask Donald Trump for a 10-day pause in attacks on energy facilities
ट्रंप का दावा फिर फर्जी? | Image: AP

US Israel Iran War: मध्य पूर्व में चल रहे युद्ध के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ उनकी बातचीत बहुत अच्छी चल रही है। उन्होंने कहा कि ईरान की सरकार के अनुरोध पर उन्होंने ऊर्जा सुविधाओं पर हमले 10 दिन के लिए रोक दिए हैं, लेकिन अब ईरान ने इस दावे का खंडन किया है।

डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी भी दी कि अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो ईरान पर और ज्यादा दबाव बढ़ेगा। ट्रंप का कहना था कि अगर ईरान Strait of Hormuz को फिर से नहीं खोलता, तो उसके पावर प्लांट निशाना बनाए जाएंगे।

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि 10 दिनों तक हमला ना करने का फैसला ईरान सरकार के अनुरोध पर लिया गया है और दोनों देशों के बीच बातचीत अच्छी चल रही है। लेकिन ईरान ने इस दावे को साफ तौर पर खारिज कर दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, तेहरान ने इस दावे का खंडन करते हुए कहा कि उसने अपने ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर किए जा रहे हमलों पर किसी प्रकार की रोक लगाने का अनुरोध नहीं किया है। ईरान का कहना है कि ट्रंप का यह बयान गलत है और बातचीत चल रही होने का दावा भी सही नहीं है।

क्या है पूरा मामला?

हाल के दिनों में अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले किए हैं, जिसमें ऊर्जा संबंधी ठिकानों को निशाना बनाया गया। ट्रंप ने पहले धमकी दी थी कि अगर ईरान Strait of Hormuz को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए नहीं खोलता, तो वे ईरान के पावर प्लांट्स को तबाह कर देंगे। बाद में ट्रंप ने पहले 5 दिन और फिर 10 दिन तक हमले रोकने का ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने ज्यादा समय मांगा है और बातें सकारात्मक दिशा में चल रही हैं।

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ईरान ने इसे फर्जी खबर बताया और कहा कि कोई आधिकारिक बातचीत नहीं हो रही। ईरान ने ट्रंप के इस पूरे दावे को सिरे से नकार दिया है। आधिकारिक रूप से ईरान सरकार ने अमेरिका से कभी भी हमलों को रोकने के लिए कोई अनुरोध नहीं किया। न ही ऊर्जा साइटों पर हमले रोकने के लिए कोई बातचीत हुई है। ईरान ने उल्टा चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका हमले जारी रखता है, तो ईरान भी इलाके के महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला कर सकता है। ईरान का कहना है कि वे अपनी शर्तों पर ही युद्ध समाप्त करेंगे और अमेरिका के किसी भी एकतरफा दावे को नहीं मानेंगे।

28 फरवरी से जारी है युद्ध

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था, जब अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर हमले शुरू किए। ईरान ने जवाब में इजरायल और खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन से हमले किए। पिछले कुछ दिनों में दोनों तरफ बड़े शहरों और महत्वपूर्ण जगहों पर हमले हुए हैं, जिसमें हजारों लोग मारे गए हैं।

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ट्रंप ने पहले 5 दिन के लिए हमले रोकने की बात कही थी, जो 27 मार्च 2026 को खत्म हो गई। अब उन्होंने उसे बढ़ाकर 6 अप्रैल 2026 तक कर दिया है, लेकिन ईरान इसे पूरी तरह से खारिज कर रहा है। दोनों देशों के बीच तनाव बहुत ज्यादा है और इस युद्ध से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे पूरी दुनिया के बाजार प्रभावित हो रहे हैं।

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Published By : Sagar Singh

पब्लिश्ड 27 March 2026 at 08:21 IST