Iran US War: 'वादा तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ेगी, बेमतलब हाथ-पैर न मारें, वरना..., ईरान की अमेरिका को खुली चुनौती, बहरीन और कतर में बजने लगे सायरन
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने ट्रंप को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि अमेरिका को हर हमले का मुंहतोड़ जवाब मिलेगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर युद्ध शुरू हो गया है। दोनों देश एक दूसरे पर हमले कर रहे हैं। जैसे ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ऐलान किया कि ईरान के साथ शांति समझौता खत्म हो गया है,अमेरिकी सेना ने हमले शुरू कर दिए। चाबहार से लेकर बंदर अब्बास तक ईरान के कई शहरों पर सेना ने रॉकेट दागे। अब अमेरिका के इस कदम से ईरान बौखलाहट में आ गया है। ट्रंप को खुली चुनौती देते हुए ईरान ने भीषण तबाही मचाने का ऐलान कर दिया है।
अमेरिकी सेना के ताजा हमलों के बाद बहरीन और कुवैत में एयर रेड सायरन बजने शुरू हो गए हैं। होर्मुज स्ट्रेट से लगे बंदर अब्बास, चाबहार,जास्क,बुशेहर औरअबू मूसा द्वीप समेत कई शहरों में धमाकों की आवाज सुनाई दी है। इन शहरों से आग की ऊंची-ऊंची लपटें उठ रही है। अमेरिका की जाता हमलों से ईरान का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। सीजफायर के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है।
वादा तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ेगी
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ ने अमेरिका को खुली चेतावनी दी है। उन्होंने X पर पोस्ट पर लिखा है, अमेरिका ने अभी तक यह नहीं सीखा है कि धौंस जमाने और वादे तोड़ने की कीमत चुकानी पड़ती है। मैं इसे साफ-साफ कहता हूं, अगर आप हमला करेंगे, तो आपको भी जवाब मिलेगा।
अमेरिका को ईरान की चेतावनी
गालिबाफ ने साफ-साफ कहा है कि बेमतलब हाथ-पैर न मारें, वरना आप और गहरे फंस जाएंगे। उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) का जिक्र करते हुए कहा है, होर्मुज सिर्फ ईरानी इंतजामो से ही खुलेगा, अमेरिकी धमकियों से नहीं। वहां जहाजों की आवाजाही सिर्फ हमारे व्यवस्था के तहत होगी।
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ईरान ने बहरीन और कुवैत में दागी मिसाइल
बता दें कि अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर नए हमले करने के कुछ ही घंटों बाद, ईरान ने गुरुवार को बहरीन और कुवैत में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइल और ड्रोन हमले किए। इन हमलों में बहरीन में अमेरिकी नौसेना के पांचवें बेड़े का मुख्यालय भी शामिल था।
ईरानी सरकारी मीडिया और इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के अनुसार, ये हमले अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए थे। तेहरान ने इसे वॉशिंगटन द्वारा युद्धविराम का उल्लंघन बताया था।