अपडेटेड 9 February 2026 at 12:08 IST

कौन हैं नोबेल पुरस्कार विजेता Narges Mohammadi? जिन्हें ईरान में दी गई 7 साल जेल की सजा तो दुनिया भर के मानवाधिकार संगठनों ने जताया विरोध

Iran Narges Mohammadi: नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी को ईरान में साढ़े सात साल की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई है। वे अब भी जेल में ही बंद हैं। नरगिस मोहम्मदी को साल 2023 में नोबेल पीस प्राइज के लिए चुना गया था।

Narges Mohammadi
Narges Mohammadi | Image: X

Narges Mohammadi:  ईरानी मानवाधिकार कार्यकर्ता और नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी कई सालों से जेल में बंद है। अब उन्हें 7 और साल की सजा सुनाई गई है। उनके वकील के मुताबिक नरगिस को देश के खिलाफ साजिश रचने और प्रोपेगेंडा फैलाने के मामलों में दोषी ठहराया गया। सजा के साथ उनको दो साल का आंतरिक निर्वासन और यात्रा प्रतिबंध भी लगाया गया है। ईरान के इस फैसले का दुनिया भर में मानवाधिकारों का विरोध किया है।

नरगिस के वकीलों का कहना है कि यह फैसला राजनीतिक रूप से प्रेरित है और ईरान में असहमति की आवाजों को दबाने का एक और उदाहरण है।

दिसंबर में हुई थी गिरफ्तारी

नरगिस मोहम्मदी को दिसंबर 2025 में गिरफ्तार किया गया था, जब वे मशहद शहर में एक मानवाधिकार वकील खोस्रो अलीकोर्डी की स्मृति सभा में शामिल हुई थीं। यहां उन्होंने न्याय की मांग करते हुए नारे लगाए और प्रदर्शन किया था। उन्होंने अपनी हिरासत को गैरकानूनी बताते हुए 2 फरवरी से भूख हड़ताल भी शुरू की थी, जिससे उनकी सेहत तेजी से बिगड़ी।

मोहम्मदी के वकील मोस्तफा नीली ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि मशहद की रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने शनिवार को फैसला सुनाया। इसमें उन्होंने "संगठन और साजिश" के आरोप में नरगिस को छह साल की सजा, "प्रचार गतिविधियों" के लिए डेढ़ साल की सजा सुनाई है। साथ ही इसमें दो साल का यात्रा प्रतिबंध और दक्षिण खोरासान प्रांत के खोस्फ शहर में दो साल की आंतरिक निर्वासन शामिल है। नीली ने इसे "क्रूर और अन्यायपूर्ण" करार दिया और मानवाधिकार संगठनों से विरोध करने की अपील की।

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नार्गेस मोहम्मदी कौन हैं?

53 साल नरगिस मोहम्मदी ईरान की एक प्रमुख महिला अधिकार कार्यकर्ता हैं, जो दशकों से महिलाओं के अधिकारों और राजनीतिक दमन के खिलाफ अभियान चलाने के लिए जानी जाती हैं। नरगिस एक इंजीनियर और लेखिका के साथ-साथ मानवाधिकार रक्षक केंद्र (DHRC) की उपाध्यक्ष भी हैं, जिसकी स्थापना नोबेल पुरस्कार विजेता शिरिन एबादी ने की थी।

मोहम्मदी को 2023 में नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था, जब उन्होंने ईरान में महिलाओं के खिलाफ दमनकारी नीतियों, विशेष रूप से हिजाब कानूनों के विरोध में अपनी आवाज बुलंद की थी। पुरस्कार समिति ने उन्हें "ईरान में महिलाओं, स्वतंत्रता और मानवाधिकारों के लिए उनके संघर्ष" के लिए चुना था। उनका यह संघर्ष उन्हें कई बार जेल की सलाखों के पीछे ले गया है। उनके बच्चों ने उनकी ओर से पुरस्कार लिया, क्योंकि उस समय वह जेल में थीं।

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10 सालों से बच्चों से नहीं मिल पाईं नरगिस

पिछले दशक का ज्यादातर समय मोहम्मदी का जेल में ही बीता है। वे साल 2015 से अपने जुड़वां बच्चों से नहीं मिल पाई, जो पेरिस में रहते हैं। मोहम्मदी के वकील ने बताया कि दिसंबर 2024 में उन्हें ट्यूमर हटाने और बोन ग्राफ्ट के बाद शारीरिक स्थिति के चलते मेडिकल कारणों से तीन हफ्तों के लिए रिहा किया गया था।'

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 9 February 2026 at 12:08 IST