अपडेटेड 12 March 2026 at 08:30 IST

'खाड़ी देशों पर हमले तुरंत रोके ईरान...', UNSC में 13 वोटों से प्रस्ताव हुआ पास, इन दो देशों ने वोटिंग से बनाई दूरी

US-Israel-Iran War news: संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने पारित हुए प्रस्ताव में ईरान के खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है। ईरान ने इस प्रस्ताव की आलोचना की।

UNSC Resolution passed on israel-iran war
संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव पास | Image: X

US-Israel-Iran war: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग खतरनाक रूप ले चुकी है, जिसने दुनियाभर में उथल-पुथल मचा दी है। भीषण जंग के बीच अब संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में ईरान को लेकर एक प्रस्ताव पास हुआ है। प्रस्ताव में ईरान के खाड़ी देशों पर किए जा रहे हमलों को तुरंत रोकने की मांग की गई है।

UNSC में यह प्रस्ताव बहरीन की ओर से लाया गया था। सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों में से 13 देशों ने इसके समर्थन में वोट दिया। रूस और चीन ने इस पर वोटिंग से दूरी बना ली। प्रस्ताव के खिलाफ कोई वोट नहीं पड़ा।

खाड़ी देशों पर हमलों की निंदा की गई

प्रस्ताव में ईरान ने खाड़ी देशों पर जो हमले किए, उनकी कड़े शब्दों में निंदा की गई है। इन हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया। यह अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं। बहरीन, कुवैत, ओमान, कतर, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की निंदा की गई।

सुरक्षा परिषद ने प्रस्ताव में ईरान से कहा है कि वह खाड़ी क्षेत्र में जारी सैन्य कार्रवाई और हमलों को तुरंत बंद करें। साथ ही क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए कदम उठाए। परिषद ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय कानून और वैश्विक शांति व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी देशों की है।

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प्रस्ताव पर क्या बोला ईरान? 

ईरान ने UNSC के इस प्रस्ताव की आलोचना की। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने कहा कि इस कदम से जंग की वास्तविकता को तोड़-मरोड़कर पेश करने की कोशिश की गई है। युद्ध भड़काने में अमेरिका और इजरायल की भूमिका को नजरअंदाज किया गया।

इरावानी ने बैठक में कहा कि इस प्रस्ताव में जानबूझकर मौजूदा संकट के मूल कारणों को नजरअंदाज किया गया है। इसमें इस बात का जिक्र भी नहीं हुआ कि इस जंग की शुरुआत अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद हुई। इजरायली सरकार और अमेरिका द्वारा आगे बढ़ाए गए इस पक्षपाती और राजनीतिक रूप से प्रेरित प्रस्ताव का मकसद पीड़ित और हमलावर की भूमिकाओं को उलट देना है।

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28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने ईरान पर संयुक्त हमला किया था। जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों को निशाना बनाना शुरू कर दिया और वहां मौजूद अमेरिकी बेस पर हमले किए। इससे मिडिल ईस्ट में तनाव अपने चरम पर पहुंचा हुआ है।

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Published By : Ruchi Mehra

पब्लिश्ड 12 March 2026 at 08:30 IST