अपडेटेड 26 March 2026 at 08:27 IST
'कोई सीजफायर नहीं, दुश्मन को सबक मिलना चाहिए', ईरान ने ठुकराई बातचीत, विदेश मंत्री ने कहा- हम खुद अपनी सुरक्षा की गारंटी बनाएंगे
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच तनाव अभी भी उच्च स्तर पर है। तेहरान सीजफायर के लिए मजबूत गारंटी की मांग कर रहा है, जबकि वाशिंगटन बातचीत की संभावना बता रहा है। ईरान ने साफ संदेश दिया है कि बिना ठोस सुरक्षा गारंटी के वह न तो सीजफायर मानेगा और न ही किसी बातचीत में शामिल होगा।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची (Abbas Araghchi) ने साफ कर दिया है कि सीजफायर को लेकर अमेरिका के साथ कोई बातचीत नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि अमेरिका और इजरायल की बिना वजह की आक्रामकता के खिलाफ ईरान विरोध की नीति जारी रखेगा। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि फिलहाल कोई बातचीत या सीजफायर नहीं हो रहा है, बिना विश्वसनीय गारंटी के कोई बातचीत या सीजफायर नहीं होगा।
राज्य मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार, बुधवार को दिए गए एक टेलीविजन इंटरव्यू में अरागची ने कहा, "वर्तमान में हमारी नीति प्रतिरोध को जारी रखने की है और कोई बातचीत नहीं हो रही है।" उन्होंने बाहरी आश्वासनों की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हुए कहा कि अंतरराष्ट्रीय गारंटियां 100 प्रतिशत भरोसेमंद नहीं होतीं।
प्रेस टीवी के हवाले से अराघची ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा, "वर्तमान में हमारी नीति प्रतिरोध जारी रखने की है। अभी कोई बातचीत चल रही हैं। अराघची ने अंतरराष्ट्रीय गारंटी पर भी सवाल उठाया और कहा कि ये गारंटी 100% भरोसेमंद नहीं होतीं।
कई विदेश मंत्रियों ने किया संपर्क
अराघची ने बताया कि क्षेत्रीय देशों के कई विदेश मंत्रियों ने तेहरान से संपर्क किया है, लेकिन ईरान की स्थिति दृढ़ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि ईरान खुद अपनी ताकत से खुद की रक्षा कर रहा है, ताकि भविष्य में कोई भी ईरानी लोगों पर हमला करने की हिम्मत न कर सके। अराघची ने दावा किया कि ईरान ने अमेरिका और इजरायल के खिलाफ पूरे क्षेत्र में कम से कम 81 लहरों में जवाबी हमले किए हैं।
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नुकसान की होनी चाहिए भरपाई
विदेश मंत्री ने चेतावनी देते हुए कहा कि बिना ठोस गारंटी के सीजफायर सिर्फ युद्ध को दोहराने का चक्र बन जाएगा। उन्होंने कहा, "दुश्मन को सबक सीखना चाहिए कि वह कभी भी ईरान पर हमला करने के बारे में सोच भी न सके। ईरानी लोगों को हुए नुकसान की भरपाई भी होनी चाहिए।"
अराघची ने ईरान के जवाबी सैन्य अभियानों को देश के इतिहास का सुनहरा पल बताया। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने दो परमाणु हथियारों वाले आक्रामकों को अपने मकसद में कामयाब नहीं होने दिया। अब वे बातचीत की बात कर रहे हैं, ये खुद उनकी हार को स्वीकार करना है। पहले वे बिना शर्त समर्पण की बात कर रहे थे, अब उनके सबसे बड़े अधिकारी बातचीत के लिए दौड़ रहे हैं।
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ईरानी संसद स्पीकर का बयान
ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबाफ ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा कि खुफिया रिपोर्टों के अनुसार, दुश्मन देश किसी क्षेत्रीय देश के समर्थन से ईरान के एक द्वीप पर कब्जा करने की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर कोई कदम उठाया गया तो उस देश की सभी महत्वपूर्ण सुविधाओं पर बिना रुके हमले किए जाएंगे।
Published By : Sagar Singh
पब्लिश्ड 26 March 2026 at 08:27 IST