Iran-Israel War: 'मैं जिंदा हूं और आपके सामने...' मौत की अटकलों के बीच सामने आए PM नेतन्याहू, ईरान के साथ जंग को लेकर कही बड़ी बात

ईरान के साथ जारी जंग के बीच पहली बार कैमरे के सामने आकर प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने खुद के जिंदा होने सबूत दिए। साथ ही ईरान के भविष्य को लेकर भी बड़ी बात कही है।

Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu
Israel Prime Minister Benjamin Netanyahu | Image: x

इजरायल-ईरान युद्ध के बीच गुरुवार रात प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू कैमरे के सामने आए। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उन्होंने ईरान के साथ जारी जंग,अपने मिशन और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिए। इसके साथ ही उन्होंने अपनी मौत पर चल रही सारी अटकलों पर भी विराम लगा दिया। लगभग 20 दिनों से चल रहे अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हवाई हमलों के बाद उन्होंने दावा किया कि ईरान अब यूरेनियम संवर्धन करने या बैलिस्टिक मिसाइलें बनाने की क्षमता खो चुका है।

PM नेतन्याहू ने पहली बार अंग्रेजी भाषा में प्रेस कॉन्फ्रेंस किया।अपने संबोधन में उन्होंने कहा, "मेरे भाइयों और बहनों, इजरायल के नागरिकों, मुझे आप पर गर्व है। मुझे आपके दृढ़ संकल्प और धैर्य पर गर्व है।" उन्होंने नागरिकों की मुश्किलों को स्वीकार करते हुए कहा कि वे समझते हैं कि सुरक्षा कक्षों (safe rooms) और आश्रय स्थलों में घंटों बिताना कितना कष्टदायक है।

मैं जिंदा हूं और आप सब गवाह हैं-नेतन्याहू

अपनी मौत की अटकलों पर इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा, "मैं जिंदा हूं और आप सब गवाह हैं।राष्ट्रपति ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका और इजराइल ईरान में बहुत पक्के इरादे और जबरदस्त ताकत के साथ मिलकर काम कर रहे हैं। ऑपरेशन राइजिंग लायन का मकसद अयातुल्ला शासन से पैदा हुए अस्तित्व के खतरों को दूर करना है, यह वही शासन है जिसने 47 सालों से अमेरिका, इज़राइल और ईरान के लोगों के खिलाफ युद्ध छेड़ रखा है। यह अमेरिका की मौत, इजराइल की मौत का नारा लगाता है, और यह अपने ही लोगों को मौत देता है।"
 

PM नेतन्याहू के ये हैं तीन लक्ष्य

प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आगे कहा, "हमारे तीन लक्ष्य हैं - पहला, न्यूक्लियर खतरे को हटाना। दूसरा, बैलिस्टिक मिसाइल के खतरे को हटाना और इन दोनों खतरों को जमीन के नीचे दफन होने और हवाई हमले से सुरक्षित होने से पहले हटाना और और तीसरा, इसका मतलब है ईरानी लोगों के लिए ऐसे हालात बनाना, जिससे वे अपनी आजादी को समझ सकें, अपनी किस्मत को कंट्रोल कर सकें। हमने दशकों से चेतावनी दी है कि उनके बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम का इस्तेमाल इन टारगेट पर दूर-दूर तक हमला करने के लिए किया जाएगा और अगर उन्हें रोका नहीं गया, तो यह तो बस शुरुआत है।"

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इजरायल में हालात को सामान्य करने की कोशिश

प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार और सहयोगी हर दिन काम कर रहे हैं ताकि स्थिति को आसान बनाया जा सके। पीएम ने बताया कि बच्चों की पढ़ाई, स्कूलों की बंदी, व्यवसायों पर असर, बुजुर्गों और रिजर्व सैनिकों की परेशानियां सबको वे महसूस कर रहे हैं।उन्होंने स्कूलों को धीरे-धीरे फिर से खोलने और अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के प्रयासों का जिक्र किया।

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Published By :
Rupam Kumari
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