हाई राइज बिल्डिंग, 2000 फ्लैट्स और सस्ता चाइनीज नेट... हॉन्ग कॉन्ग अग्निकांड में अबतक 94 लोगों की मौत; सबसे बड़ा सवाल- कौन जिम्मेदार?
हॉन्ग कॉन्ग के 'ताई पो' में वांग फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स में बुधवार को लगी आग से अबतक 94 लोगों की मौत हो चुकी है।
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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Hongkong Fire: ऊंची-ऊंची इमारतों के लिए मशहूर हॉन्ग कॉन्ग अपने इतिहास के सबसे ‘भयानक’ अग्निकांड से गुजर रहा है। 'ताई पो' जिले में 35 मंजिलों वाली 8 इमारतें बुधवार से धू-धू कर जल रही हैं। इस भीषण आग से अब तक कुल 94 लोगों की मौत हो चुकी है, 70 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। वहीं 280 से अधिक लोग लापता हैं।
यह आग इतनी भयावह थी कि इसे काबू में करने के लिए फायर ब्रिकेड कर्मियों को घंटों मशक्कत करनी पड़ी। रिपोर्ट्स की मानें तो, 24 घंटे बाद भी आग को बुझाया नहीं जा सका।
हॉन्ग कॉन्ग में कैसे धधकी आग?
यह घटना हॉन्ग कॉन्ग के 'ताई पो' में वांग फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स में हुई, जहां रेनोवेशन के दौरान आग लग गई। जांच में सामने आया कि लिफ्ट की खिड़कियों को ढकने के लिए उपयोग हुए स्टायरोफॉम की वजह से आग धधकी और तेजी से फैलती चली गई। मामले में ठेकेदार समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
कब बना था फुक कोर्ट अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स?
जानकारी के मुताबिक, 'ताई पो' जिले के सबसे ऊंचे और रिहायशी इलाके के इस कॉम्प्लेक्स का निर्माण 1983 में हुआ था। यहां 8 गगनचुंबी इमारतें हैं और लगभग 2,000 फ्लैट्स हैं। 2021 की जनगणना की मानें तो इस रिहायशी इलाके में 4,634 लोग रहते थे।
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लेवल 5 में अलार्म फायर घोषित
इस आग को लेवल 5 कर दिया गया है जो हॉन्ग कॉन्ग में आग की सबसे खतरनाक कैटेगरी होती है। कॉम्पलेक्स में आग लगने के बाद अस्थायी शेल्टर होम में लोगों को पनाह दी गई है।
हॉन्ग कॉन्ग में कब-कब लगी भीषण आग?
हॉन्ग कॉन्ग में अब तक की सबसे भयानक आग 27 फरवरी 1918 में प्पी वैली रेसकोर्स में लगी थी। इस में 600 से ज्यादा लोगों की जान चली गई थी। इसके बाद एक और बड़ी और तेज आग 22 सितंबर 1948 में एक गोदाम में लगी। इस हादसे में 176 लोगों की मौत हो गई थी। इन दोनों हादसों की गिनती आज भी हांगकांग के इतिहास के सबसे दर्दनाक आग हादसों में होती है।