Iran Israel War: होर्मुज स्ट्रेट में भारत के कितने जहाज और कितने नाविक फंसे हैं? भारत सरकार ने दिया आंकड़ा, कहा- हालात पर बनी है हमारी नजर

भारत सरकार ने Strait of hormuz क्षेत्र में भारतीय जहाजों-नाविकों की स्थिति का अपडेट जारी किया है। पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की बड़ी तादाद मौजूद है। शिपिंग मंत्रालय के अनुसार, लगभग 23,000 भारतीय नाविक अलग-अलग जहाजों पर सेवा दे रहे हैं।

Government gives update on Indian ships and sailors stranded in the Strait of Hormuz
होर्मुज स्ट्रेट में भारत के कितने जहाज फंसे हैं? | Image: AI Generated

ईरान के बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने से दुनिया में ऊर्जा संकट की आशंका है। भारत के कई जहाज भी होर्मुज स्ट्रेट के पश्चिम तरफ फारसी खाड़ी और पूर्व में ओमान की खाड़ी में फंसे हैं। जिसको लेकर शुक्रवार को भारत सरकार के शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस में संवेदनशील क्षेत्रों में भारतीय जहाजों और नाविकों की स्थिति के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

होर्मुज स्ट्रेट के आसपास हाल के दिनों में क्षेत्रीय तनाव बढ़ा हुआ है। राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए शिपिंग महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) सक्रिय रूप से काम कर रहा है।

कितनी है भारतीय जहाजों की संख्या?

होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में स्थित फारसी खाड़ी में कुल 24 भारतीय ध्वज वाले जहाज तैनात हैं। इन जहाजों पर लगभग 677 भारतीय नाविक सवार हैं। यह संख्या कल के मुकाबले आज भी वही बनी हुई है। वहीं, स्ट्रेट के पूर्वी हिस्से में ओमान की खाड़ी में पहले चार भारतीय जहाज थे। इनमें से एक तेल टैंकर 'जग प्रकाश' ने मूव किया है। जिसके बाद अब वहां तीन जहाज बचे हैं। इन तीन जहाजों पर 76 भारतीय नाविक काम कर रहे हैं।

कुल भारतीय नाविकों की स्थिति

पूरे खाड़ी क्षेत्र में भारतीय नाविकों की बड़ी तादाद मौजूद है। शिपिंग मंत्रालय के अधिकारी राजेश कुमार सिन्हा के अनुसार, लगभग 23,000 भारतीय नाविक अलग-अलग जहाजों पर सेवा दे रहे हैं। इनमें व्यापारिक जहाजों के अलावा ऑफशोर जहाज भी शामिल हैं। ये नाविक भारत की अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि वे अंतरराष्ट्रीय व्यापार को सुचारू रखने में मदद करते हैं।

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सरकार का संपर्क और सुरक्षा उपाय

शिपिंग महानिदेशालय सभी भारतीय नाविकों के साथ लगातार संपर्क में है। यह संपर्क संबंधित एजेंसियों के माध्यम से किया जा रहा है। अगर कोई आपात स्थिति आती है, तो तुरंत सहायता पहुंचाई जा सकती है। सिन्हा ने जोर देकर कहा कि नाविकों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है, और सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। सरकार की ओर से जारी यह अपडेट लोगों को आश्वस्त करता है कि सब कुछ नियंत्रण में है।

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Published By :
Sagar Singh
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