Maldives का पाकिस्तान-श्रीलंका जैसा हाल करना चाहता है China? ड्रैगन के जाल में मोहम्मद मुइज्जू
India Maldives Row: भारत को लेकर मालदीव के मंत्रियों की टिप्पणी का उसे भारी नुकसान भुगतना पड़ रहा है। भारत से बढ़ती दूरी के बीच क्या चीन अपनी चाल चल सकता है?
- अंतरराष्ट्रीय न्यूज
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China on India vs Maldives: पीएम मोदी (PM Modi) की लक्षद्वीप की तस्वीरों ने पूरी दुनिया में हलचल मच गई। पीएम मोदी के विजिट के बाद लक्षद्वीप की चर्चा काफी तेज हो गई, या फिर यूं कहें कि भारत का आईलैंड टूरिज्म सेंसेशन बन गया। इसे मालदीव में हाल ही में आई मोहम्मद मोइज्जू की सरकार पचा नहीं पा रही है। मालदीव सरकार में मंत्रियों ने 140 करोड़ भारतीयों की भावना को आहत करने से पहले सोचा नहीं। हालांकि अब इसका नुकसान उन्हें उठाना पड़ रहा है। भारत के लोगों ने मालदीव को ऐसे ललकारा कि 24 घंटे भी नहीं लगे कि उन्हें बैकफुट पर आना पड़ा। मालदीव सरकार ने उन तीनों मंत्रियों को सस्पेंड कर दिया, जिन्होंने ऐसी टिप्पणी की थी।
खबर में आगे पढ़ें:
- भारत से पंगा मालदीव को पड़ा महंगा
- श्रीलंका-पाक की तरह होगा मालदीव का हाल?
- मालदीव की आड़ में चीन चल रहा चाल
भारतीयों ने एक सुर में ड्रैगन के करीबी मोहम्मद मुइज्जू को मुंहतोड़ जवाब दिया है। बता दें, भारत से भारी तादाद में लोग छुट्टियां मनाने मालदीव जाया करते थे। लेकिन मुइज्जू के मंत्रियों की ओर से की गई इस तरह की टिप्पणी के बाद लोगों ने और भारत की ट्रैवल कंपनियों ने मालदीव की यात्रा कैंसिल कर दी है। इससे मालदीव को भारी नुकसान होने वाला है। इसके लिए मालदीव का चीन की तरफ झुकाव भी अहम कारण है। जिसे भारतीय पसंद नहीं कर रहे। दरअसल चीन मालदीव (Maldives) का इस्तेमाल भारत के खिलाफ करने की कोशिश में है। ऐसे में चीन मालदीव को तमाम प्रलोभन, कर्ज, आर्थिक मदद दे रहा है। यह सब वैसे ही है जैसे उसने पाकिस्तान और श्रीलंका के साथ किया।
पाक की तरह मालदीव भी चीन के कर्ज जाल में फंसेगा?
चालबाज ड्रैगन अक्सर आर्थिक रूप से दूसरों पर निर्भर देशों के ऊपर कर्ज जाल फेंकता है, जिसमें वो फंस जाते हैं और फिर उनकी बर्बादी शुरू हो जाती है। चीन ने ऐसा ही श्रीलंका और पाकिस्तान के साथ किया। पहले चीन ने श्रीलंका को कर्ज दिया और देखते ही देखते श्रीलंका इस कर्ज की बोझ तले दब गया। ड्रैगन ने ठीक ऐसा ही पाकिस्तान के साथ किया। पाकिस्तान भी चीन के दिए हुए कर्ज में डूबा हुआ है। चीन पाकिस्तान में अपनी महत्वाकांक्षी परियोजना चीन-पाकिस्तान (China-Pakisitan) आर्थिक गलियारा बना रहा है। इसके लिए भी पाकिस्तान चीन के एहसानों तले दबा हुआ है। उसके हालात कंगाली वाले हैं। आर्थिक सहायता के लिए उसे दूसरे देशों के सामने हाथ फैलाना पड़ता है। पाकिस्तान की तरह मालदीव की मुइज्जू सरकार भी चीन से प्रभावित नजर आ रही है। लेकिन इस चक्कर में मालदीव चीन के कर्ज जाल में फंसता जा रहा है।
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भारत और मालदीव के बीच कड़वाहट का फायदा उठा सकता है ड्रैगन
चूंकि, भारत अगर मालदीव से अपनी मदद का हाथ पीछे खींचता है तो ऐसा हो सकता है कि ड्रैगन अपनी चाल चलकर मालदीव को पहले कर्ज के रूप में अपना सहारा देगा और उसका इस्तेमाल भारत के खिलाफ करेगा।